Fact Check: प्रधानमंत्री मोदी की सात साल पुरानी रैली की तस्वीर को झूठे दावे के साथ किया जा रहा शेयर, पढ़ें सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ दौरे के दौरान कुर्सियां खाली रह गईं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मेरठ के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने शताब्दी नगर स्टेशन से देश की पहली रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (नमो भारत-आरआरटीएस) और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया। इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर हो रही है। तस्वीर में खाली कुर्सियां नजर आ रही हैं। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के मेरठ दौरे की है, जहां यूजीसी के विरोध में लोग उनकी जनसभा में शामिल नहीं हुए।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर सात साल पहले की लोकसभा चुनाव के दौरान की है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी के मेरठ के दौरान कुर्सियां खाली रह गईं।
जनार्दन मिश्रा (@janardanmis) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,” मेरठ की यह तस्वीर बहुत कुछ कह रही है। कुर्सियां खाली हैं, लोग कम दिखाई दे रहे हैं और कार्यक्रम से पहले भीड़ जुटाने के लिए अपील करनी पड़ रही है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों? क्या यह सिर्फ आयोजन की कमी है, या फिर जनता के मन में चल रही नाराजगी का असर? इधर यूजीसी एक्ट को लेकर स्वर्ण समाज का विरोध लगातार जारी है। कई लोग इसे केवल एक कानून नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार से जुड़ा मुद्दा मान रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं सुना गया। जब समाज का एक बड़ा वर्ग अपने आप को उपेक्षित महसूस करता है, तो उसका असर राजनीतिक माहौल पर भी दिखता है। कुछ लोग इस तस्वीर को उसी नाराजगी से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि अगर संवाद और संतुलन नहीं होगा, तो दूरी बढ़ती जाएगी। लोकतंत्र में जनता की प्रतिक्रिया सिर्फ नारे या भीड़ से नहीं, बल्कि कभी-कभी खामोशी और खाली कुर्सियों से भी दिखाई देती है। यह पोस्ट सार्वजनिक चर्चा के लिए है। उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि मुद्दों पर विचार करना है।" पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें माया मीरचंदानी नाम के एक्स अकाउंट पर वायरल तस्वीर देखने को मिली। यह तस्वीर 28 मार्च 2019 को साझा की गई है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि मेरठ में भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर आगे भारी भीड़ और उनके ठीक पीछे खाली कुर्सियों की कतारें दिखाई दे रही थीं। इसके साथ ही हैशटैग #Elections2019 #UttarPradesh लिखा गया है।
आगे की पड़ताल में हमें latestly की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 28 मार्च 2019 को प्रकाशित की गई है। यहां हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में जनसभा आयोजित करके लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बजा दिया। हालांकि, उनकी लोकप्रियता का असर इस सभा में हमेशा की तरह नहीं दिखा। प्रधानमंत्री मोदी की सभाओं में हमेशा ही खचाखच भीड़ और भाजपा कार्यकर्ताओं की उमंग देखने को मिलती है। लेकिन मेरठ की सभा इससे कुछ अलग थी। नरेंद्र मोदी की मेरठ सभा में भीड़ तो थी, लेकिन सिर्फ आगे की कुछ पंक्तियों में ही। पीछे की कई पंक्तियां खाली थीं। इसी वजह से यह चर्चा होने लगी कि मोदी की सभा में अब भीड़ कम और खाली कुर्सियां ज्यादा दिख रही हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को सात साल पुरानी पाई है। इस तस्वीर का हालिया पीएम मोदी के दौरे से कोई संंबंध नहीं है।