Fact Check: बांग्लादेशी जवानों की कार्रवाई के वीडियो को पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर किया जा रहा झूठा दावा
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें सेना के जवान लोगों को पकड़कर गाड़ी में भरते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करके पश्चिम बंगाल में चुनावों से पहले की घटना बताया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह वीडियो बांग्लादेश का निकला है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि सेना के जवान कुछ लोगों को पकड़कर जबरन गाड़ी में भर रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह घटना पश्चिम बंगाल में चुनाव ये पहले हुई है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में सामने आया कि वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं बल्कि बांगलादेश का है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों से पहले भारतीय सेना से वहां कुछ लोगों को पकड़ा है।
राजेंद्र शुक्ला (@irajendrashukla) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “अब भारतीय सशस्त्र बलों ने पश्चिम बंगाल पुलिस से कमान संभाल ली है। अब मालदा में कोई तुष्टीकरण नहीं, सिर्फ सेना के अंदाज में ठोस कार्रवाई।” पोस्ट का लिंक और आर्कइव लिंक आप यहां और यहां और देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो द डेली अमर प्राणेर बांग्लादेश नाम के एक फेसबुक पेज पर देखने को मिला। इस अकाउंट ने खुद को बांग्लादेश का न्यूज पोर्टल बताया है। यहां हमें वायरल वीडियो 12 फरवरी को पोस्ट मिला। इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा गया था “मानिकनगर मॉडल हाई स्कूल मतदान केंद्र पर तीन लोग गिरफ्तार।”
वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें इस वीडियो में सेना की गाड़ी पर बांग्लादेश आर्मी लिखा हुआ दिखाई दिया। यहां से हमें लगा कि यह वीडियो बांग्लादेश का है।
आगे हमें एक बांग्ला भाषा में एक बोर्ड लगा हुआ नजर आया। इस बोर्ड पर लिखा था “मानिकनगर मॉडल हाई स्कूल” आगे हमने इस नाम को गूगल पर सर्च किया। यहां हमें पता चला कि यह स्कूल बांग्लादेश में स्थित है। हमने गूगल मैप्स पर इस लोकेशन को सर्च किया। तो हमें इसके बांग्लादेश में होने का पचा चला।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि बांग्लादेश के वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर झूठा दावा किया जा रहा है।