फिटनेस को लेकर Gen Z की सोच क्यों है अलग?: जिम ही नहीं, घर और बाहर भी वर्कआउट, जानें युवाओं की बदलती पसंद
फिटनेस को लेकर Gen Z की सोच पारंपरिक पीढ़ियों से अलग है। युवा सिर्फ जिम तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि घर, बाहर और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी वर्कआउट पसंद करते हैं। हाइब्रिड फिटनेस, नए एक्सरसाइज विकल्प और मेंटल वेलनेस पर फोकस उनकी बदलती पसंद को दिखाते हैं।
विस्तार
Gen Z आने वाले समय में फिटनेस मार्केट को पहले की किसी भी पीढ़ी से ज्यादा प्रभावित कर सकती है। इससे जिम और फिटनेस क्लब्स के लिए ग्रोथ का बड़ा मौका बन रहा है। यह बात नई ग्लोबल रिपोर्ट ‘Gen Z Fitness: Cracking the Code’ में सामने आई है। रिपोर्ट में Gen Z की फिटनेस आदतों, एक्सरसाइज करने की वजहों और जिम जाने में आने वाली परेशानियों को समझा गया है। Les Mills की इस रिपोर्ट में नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और एशिया के 16 से 26 साल के 4,000 से ज्यादा युवाओं को शामिल किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की सबसे बड़ी पीढ़ियों में शामिल Gen Z आने वाले समय में ज्यादा खर्च करने वाली पीढ़ी भी होगी। ऐसे में फिटनेस क्लब्स के लिए Gen Z एक बड़ा और अहम मार्केट बन रही है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि युवाओं की बदलती पसंद के साथ फिटनेस कंपनियों को भी लगातार खुद को बदलना होगा।
क्या Gen Z फिटनेस मार्केट का बड़ा लेकिन अभी अनछुआ बाजार है?
Gen Z ने फिटनेस को सोशल मीडिया का बड़ा हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इसी वजह से उन्हें अक्सर ‘Generation Active’ भी कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, Gen Z के 36% युवा पहले से नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं। लेकिन असली मौका इससे कहीं बड़ा है। करीब 50% Gen Z युवा नियमित वर्कआउट करना चाहते हैं, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें शुरुआत करने के लिए मदद चाहिए। ऐसे में फिटनेस कंपनियों के लिए यह एक बड़ा अनछुआ मार्केट है। इसे समझने के लिए युवाओं की अलग-अलग परेशानियों और जरूरतों को समझना जरूरी होगा। जो Gen Z युवा अभी एक्सरसाइज नहीं करते, उनमें से 68% पहले घर पर वर्कआउट शुरू करना चाहते हैं। ऐसे में जिम और फिटनेस कंपनियों के लिए अच्छी क्वालिटी के डिजिटल वर्कआउट ऑप्शन देना युवाओं तक पहुंचने का एक अहम तरीका हो सकता है।
क्या Gen Z के फिटनेस को लेकर विचार पहले से ज्यादा अलग हैं?
Gen Z को अक्सर स्मार्टफोन और सोशल मीडिया में बिजी रहने वाली पीढ़ी माना जाता है, लेकिन फिटनेस के मामले में उनकी सोच इससे कहीं ज्यादा अलग है। Gen Z के 55% युवा रोजाना 5 घंटे से ज्यादा फोन इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद यह पीढ़ी पहले की पीढ़ियों के मुकाबले ज्यादा सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूक, डिजिटल दुनिया को समझने वाली और हेल्थ को लेकर ज्यादा सजग है।
Gen Z ने अपने माता-पिता को बार-बार डाइट बदलते, नए-नए फिटनेस ट्रेंड अपनाते और कुछ समय बाद उन्हें छोड़ते देखा है। इसलिए उनके लिए फिटनेस सिर्फ वजन घटाने या अच्छी बॉडी बनाने तक सीमित नहीं है। वे मेंटल वेलनेस, खुद को अच्छा महसूस कराने और एक कम्युनिटी का हिस्सा बनने के लिए भी वर्कआउट करते हैं। Gen Z के एक्सरसाइज करने की टॉप 5 वजहों में से 4 का संबंध हेल्थ और खुशी से है। हालांकि, अच्छा दिखना भी उनके लिए मायने रखता है। 47% Gen Z युवाओं का कहना है कि अपनी अपीयरेंस बेहतर करना भी वर्कआउट करने की एक बड़ी वजह है।
क्या Gen Z को फिटनेस में ज्यादा विकल्प पसंद हैं?
- Gen Z के लिए वर्कआउट में कई तरह के विकल्प होना काफी जरूरी है।
- रोज एक्सरसाइज करने वाले 64% Gen Z युवा अलग-अलग वर्कआउट करना और नए वर्कआउट ट्राय करना पसंद करते हैं।
- उनकी पसंद फिक्स नहीं है। कोई जिम में वेट ट्रेनिंग करना पसंद करता है, तो कोई बॉक्सिंग, रनिंग या घर पर वर्कआउट करना।
- समय कम हो तो Gen Z ऐप या YouTube के 30-45 मिनट के वर्कआउट वीडियो का सहारा भी लेती है।
- करीब 30% Gen Z युवा पहले से फिटनेस सेंटर में नियमित वर्कआउट कर रहे हैं।
- यह आंकड़ा पूरी एडल्ट आबादी के मुकाबले काफी ज्यादा है, जहां आमतौर पर 15-25% लोग नियमित रूप से वर्कआउट करते हैं।
- अभी भी 50% Gen Z ने नियमित एक्सरसाइज शुरू नहीं की है, यानी फिटनेस कंपनियों के पास नए युवाओं को जोड़ने का बड़ा मौका है।
क्या Gen Z को कहीं भी और कभी भी वर्कआउट करना पसंद है?
- Gen Z ऐसा फिटनेस चाहती है, जिसे वह कहीं भी, कभी भी और अपनी सुविधा के हिसाब से कर सके।
- नियमित एक्सरसाइज करने वाले 72% Gen Z युवा हाइब्रिड फिटनेस अपनाते हैं। यानी वे जिम के साथ-साथ घर या बाहर भी वर्कआउट करते हैं।
- इसलिए जिम के लिए लाइव क्लास और डिजिटल वर्कआउट, दोनों विकल्प देना जरूरी हो गया है।
- हाइब्रिड तरीके से वर्कआउट करने वाले लोग जिम-ओनली एक्सरसाइज करने वालों के मुकाबले 40% ज्यादा लंबे समय तक जिम से जुड़े रहते हैं।
- हाइब्रिड एक्सरसाइज करने वाले लोग औसतन हफ्ते में 5.5 वर्कआउट करते हैं, जबकि सिर्फ जिम जाने वाले लोग 3.3 वर्कआउट करते हैं।
- Gen Z के जिम जाने वालों में 61% लोग 6 महीने से 2 साल तक अपने फिटनेस सेंटर से जुड़े रहे हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक, जिम में लाइव एक्सरसाइज के साथ डिजिटल वर्कआउट का विकल्प देने से Gen Z को अपनी पसंद के हिसाब से फिटनेस रूटीन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
- खासकर उन दिनों में जब जिम जाना मुश्किल हो, घर पर डिजिटल वर्कआउट का विकल्प उनकी फिटनेस रूटीन को जारी रख सकता है।