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Ambala News: दिसंबर में खत्म हो जाएगी ग्लासवेयर उत्पादों में बीआईएस की छूट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 02:52 AM IST
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BIS exemption on glassware products to end in December
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- अच्छी गुणवत्ता का कच्चा माल खोजना चुनौती, कारोबारी अभी चीन से कर रहे निर्यात
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माई सिटी रिपोर्टर

अंबाला। सरकार ने ग्लासवेयर उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) के मानकों को अनिवार्य कर दिया है। उद्योग संचालकों को तैयारी के लिए दिसंबर 2026 तक का समय दिया है। इस डेडलाइन के बाद बिना बीआईएस प्रमाणन के किसी भी प्रकार के ग्लासवेयर उत्पादों का निर्माण और बिक्री प्रतिबंधित हो जाएगी। इस समस्या ने अंबाला के ग्लासवेयर कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है।
हालांकि पूर्व में ही सरकार ने इस बाबत निर्देश दे दिए थे। मगर कारोबारियों की मांग पर इसकी डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया गया था ताकि तब तक कारोबारी वैकल्पिक मार्ग तलाश लें। अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव उमाकांत ने बताया कि इस चुनौती से निपटने पर हम विचार कर रहे हैं। कच्चा माल आज के समय भी जुटाना काफी मुश्किल हो रहा है। इस क्षेत्र में कच्चा माल स्थानीय स्तर पर मिल ही नहीं रहा है। जो कंपनियां पहले काम करती थीं वह भी सप्लाई बंद कर चुकी हैं।
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गुणवत्ता पर होगा कड़ा नियंत्रण

वर्तमान में बाजार में बड़ी मात्रा में हल्की गुणवत्ता वाले ग्लास उत्पाद मौजूद हैं, जो न केवल टिकाऊ नहीं हैं। साइंस इंडस्ट्रीज में वीकर, जार, नलियां व अन्य प्रयोगशाला में उपयोग होने वाले ग्लास के उत्पाद बनाए जाते हैं। अभी तक स्थानीय ग्लासवेयर कारोबार चीन से कच्चा माल मंगाकर इन्हें उत्पाद में बदल रहे हैं। अब बीआईएस मार्का का ग्लास लेने पर कारोबारियों को नए व सस्ते विकल्प दिख नहीं रहे हैं। मौजूदा समय में मिल रहे उत्पादाें का इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भी जोखिम भरा है। बीआईएस मानक लागू होने से इन उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया और सामग्री पर कड़ा नियंत्रण लगेगा। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता और सुरक्षित ग्लासवेयर उत्पाद मिल सकेंगे।

कच्चे माल का संकट और चुनौतियां

एक ओर जहां बीआईएस के मानक उद्योग में नई गुणवत्ता लाएंगे, वहीं दूसरी ओर उद्यमियों के सामने कच्चे माल का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अब तक बड़ी संख्या में उद्योग संचालक चीन से आयातित सस्ते कच्चे माल का उपयोग कर रहे थे, जो बीआईएस मानकों पर खरा उतरने में असमर्थ हैं।कारोबारियों का कहना है कि मानक गुणवत्ता वाला कच्चा माल या तो बाजार में उपलब्ध नहीं है, या फिर यह इतना महंगा है कि इससे उत्पादों की निर्माण लागत में भारी वृद्धि हो जाएगी। उद्योग जगत ने सरकार से बीआईएस मानकों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को आसान बनाने की मांग की है। दिसंबर 2026 के बाद यह नियम पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा, जिसके बाद मानकों का पालन न करने वाले छोटे-बड़े सभी विनिर्माताओं के लिए अपना कारोबार बचाए रखना बड़ी चुनौती साबित होगा।
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