{"_id":"6a399c47c5c28fcf560fbd68","slug":"trial-of-panoramic-coach-to-resume-on-kalka-shimla-rail-route-ambala-news-c-36-1-amb1001-165194-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: कालका-शिमला रेल मार्ग पर फिर शुरू होगा पैनोरमिक कोच का परीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: कालका-शिमला रेल मार्ग पर फिर शुरू होगा पैनोरमिक कोच का परीक्षण
विज्ञापन
कालका-शिमला रेल खंड पर चलने वाले पैनोरमिक कोच। रेलवे
- फोटो : samvad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- तकनीकी खामी मिलने के बाद विशेषज्ञों ने दूर किए बियरिंग ताकि रफ्तार में न आए दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल मार्ग पर सफर करने वाले पर्यटकों को जल्द विशेष सौगात मिलेगी। लंबे समय से प्रतीक्षित पैनोरमिक (विस्टाडोम) कोचों का संचालन फिर से पटरी पर लाने की कवायद तेज हो गई है। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला की तकनीकी टीम ने पुरानी खामियों को दूर कर इन कोचों को अब नई तकनीक से लैस कर दिया है।
रेलवे के तकनीकी जानकारों के अनुसार, पूर्व में इन कोचों के संचालन के दौरान कुछ तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए आरसीएफ की टीम ने कोचों में बड़ा बदलाव किया है। ट्रेन में अब तक उपयोग की जा रही पुरानी प्लेन बियरिंग को हटाकर अत्याधुनिक रोलर बियरिंग लगाई गई हैं। इस बदलाव से पहाड़ी रास्तों की घुमावदार चढ़ाई और उतार पर ट्रेन को मिलने वाले झटके काफी कम हो जाएंगे। इससे न केवल यात्रियों का सफर आरामदायक होगा, बल्कि कोचों की उम्र भी बढ़ेगी।
कालका स्टेशन पर पहुंचीं 28 बोगियां
रेलवे प्रशासन ने इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में विशेष रूप से तैयार किए गए 28 आधुनिक कोच कालका स्टेशन पहुंच चुके हैं। इन कोचों को कालका-शिमला ट्रैक की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
विज्ञापन
पर्यटकों के लिए रोमांचक सफर
पैनोरमिक कोच अपनी कांच की छतों और बड़ी खिड़कियों के लिए जाने जाते हैं। इनके चलने से पर्यटकों को हिमालय की वादियों और देवदार के जंगलों का नजारा पहले से अधिक साफ और रोमांचक तरीके से देखने को मिलेगा। जल्द रेलवे विभाग इन कोचों का व्यापक ट्रायल शुरू करेगा। इसके बाद इन्हें नियमित यात्री सेवाओं में शामिल किया जाएगा।
आगामी ट्रायल सफल रहने के बाद इन कोचों को प्रमुख ट्रेनों के साथ जोड़कर पर्यटकों के लिए सेवा में उतार दिया जाएगा। हालांकि इससे पहले समय सारिणी व किराए का निर्धारण मुख्यालय के निर्देश पर किया जाएगा।
यशनजीत सिंह, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक अंबाला रेल मंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल मार्ग पर सफर करने वाले पर्यटकों को जल्द विशेष सौगात मिलेगी। लंबे समय से प्रतीक्षित पैनोरमिक (विस्टाडोम) कोचों का संचालन फिर से पटरी पर लाने की कवायद तेज हो गई है। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला की तकनीकी टीम ने पुरानी खामियों को दूर कर इन कोचों को अब नई तकनीक से लैस कर दिया है।
रेलवे के तकनीकी जानकारों के अनुसार, पूर्व में इन कोचों के संचालन के दौरान कुछ तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए आरसीएफ की टीम ने कोचों में बड़ा बदलाव किया है। ट्रेन में अब तक उपयोग की जा रही पुरानी प्लेन बियरिंग को हटाकर अत्याधुनिक रोलर बियरिंग लगाई गई हैं। इस बदलाव से पहाड़ी रास्तों की घुमावदार चढ़ाई और उतार पर ट्रेन को मिलने वाले झटके काफी कम हो जाएंगे। इससे न केवल यात्रियों का सफर आरामदायक होगा, बल्कि कोचों की उम्र भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कालका स्टेशन पर पहुंचीं 28 बोगियां
रेलवे प्रशासन ने इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में विशेष रूप से तैयार किए गए 28 आधुनिक कोच कालका स्टेशन पहुंच चुके हैं। इन कोचों को कालका-शिमला ट्रैक की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
पर्यटकों के लिए रोमांचक सफर
पैनोरमिक कोच अपनी कांच की छतों और बड़ी खिड़कियों के लिए जाने जाते हैं। इनके चलने से पर्यटकों को हिमालय की वादियों और देवदार के जंगलों का नजारा पहले से अधिक साफ और रोमांचक तरीके से देखने को मिलेगा। जल्द रेलवे विभाग इन कोचों का व्यापक ट्रायल शुरू करेगा। इसके बाद इन्हें नियमित यात्री सेवाओं में शामिल किया जाएगा।
आगामी ट्रायल सफल रहने के बाद इन कोचों को प्रमुख ट्रेनों के साथ जोड़कर पर्यटकों के लिए सेवा में उतार दिया जाएगा। हालांकि इससे पहले समय सारिणी व किराए का निर्धारण मुख्यालय के निर्देश पर किया जाएगा।
यशनजीत सिंह, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक अंबाला रेल मंडल