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Bhiwani News: लघु सचिवालय में निर्माणाधीन प्रशासनिक खंड की तीसरी मंजिल से गिरी महिला मजदूर की मौत
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शहर के जिला नागरिक अस्पताल में मृतक महिला के परिजनों से बातचीत करती पुलिस
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भिवानी। शहर के लघु सचिवालय परिसर में निर्माणाधीन नए प्रशासनिक खंड की तीसरी मंजिल से सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक महिला मजदूर नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे जिला नागरिक अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे घर ले गए। करीब दो घंटे बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा नागरिक अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी 30 वर्षीय हली के रूप में हुई है। वह तीन बच्चों की मां थी। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस थाना की टीम अस्पताल पहुंची। मामले की जानकारी मिलने पर प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने भी मृतका के परिजनों से बात की। उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी हली अपने पति उत्तम सिंह और अन्य मजदूरों के साथ सोमवार सुबह करीब 10 बजे लघु सचिवालय के नए प्रशासनिक खंड की तीसरी मंजिल पर काम कर रही थी।
हली मलबा नीचे डाल रही थी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 42 फीट ऊंचाई से नीचे आ गिरी। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं। साथी मजदूरों और परिजन उसे उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे घर ले गए। घर पहुंचने के करीब दो घंटे बाद महिला की तबीयत अचानक फिर बिगड़ने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे दोबारा जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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मृतका के पति उत्तम ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के जिला ललितपुर के गांव गौरी सागर का रहने वाला है और परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए भिवानी आया हुआ था। उसकी पत्नी हली सोमवार को चिड़ियाघर के सामने लघु सचिवालय के निर्माणाधीन भवन में मजदूरी कर रही थी। इसी दौरान वह तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। चोट लगने के बाद उसे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। उत्तम ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उसकी पत्नी करीब दो घंटे तक तड़पती रही लेकिन उपचार नहीं किया गया। चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी ने दम तोड़ दिया। उसके दो बेटियां और एक बेटा है।
इस बारे में सिविल लाइन थाने के प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि थाने में एक महिला मजदूर की निर्माण साइट से नीचे गिरकर मौत की सूचना मिली थी। जिसके बाद महिला जांच अधिकारी सुशीला को अस्पताल भेजा गया। मैं खुद अस्पताल पहुंचा और परिजनों से बात की। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों के बयान दर्ज कर इस संबंध में फिलहाल इत्तफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की गई है।
इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने किया हंगामा
महिला की मौत के बाद परिजनों ने आपात विभाग के चिकित्सकों पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया। मृतका की बहन सपना ने आरोप लगाया कि उसकी बहन तड़पती रही लेकिन उसे कोई उपचार नहीं दिया गया। उसे एक्स-रे और सीटी स्कैन कराने के लिए भेज दिया गया। एक्स-रे काफी देर बाद हुआ लेकिन सीटी स्कैन नहीं हुआ। इसके बाद कुछ इंजेक्शन लगाकर उसे घर वापस भेज दिया गया। सपना ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही के कारण उसकी बहन की जान गई है।
महिला मजदूर को तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के बाद उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। मैंने उसका उपचार कार्ड देखा है। जिसमें उसे इंजेक्शन और उपचार दिया गया है। एक्स-रे और सीटी स्कैन लिखा गया था। मगर परिजन उसे घर ले गए। घर से महिला को मृत ही अस्पताल लाया गया है। इसमें अगर चिकित्सक की लापरवाही है तो जांच कराई जाएगी। -डॉ बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।
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मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी 30 वर्षीय हली के रूप में हुई है। वह तीन बच्चों की मां थी। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस थाना की टीम अस्पताल पहुंची। मामले की जानकारी मिलने पर प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने भी मृतका के परिजनों से बात की। उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी हली अपने पति उत्तम सिंह और अन्य मजदूरों के साथ सोमवार सुबह करीब 10 बजे लघु सचिवालय के नए प्रशासनिक खंड की तीसरी मंजिल पर काम कर रही थी।
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हली मलबा नीचे डाल रही थी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 42 फीट ऊंचाई से नीचे आ गिरी। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं। साथी मजदूरों और परिजन उसे उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे घर ले गए। घर पहुंचने के करीब दो घंटे बाद महिला की तबीयत अचानक फिर बिगड़ने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे दोबारा जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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मृतका के पति उत्तम ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के जिला ललितपुर के गांव गौरी सागर का रहने वाला है और परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए भिवानी आया हुआ था। उसकी पत्नी हली सोमवार को चिड़ियाघर के सामने लघु सचिवालय के निर्माणाधीन भवन में मजदूरी कर रही थी। इसी दौरान वह तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। चोट लगने के बाद उसे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। उत्तम ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उसकी पत्नी करीब दो घंटे तक तड़पती रही लेकिन उपचार नहीं किया गया। चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी ने दम तोड़ दिया। उसके दो बेटियां और एक बेटा है।
इस बारे में सिविल लाइन थाने के प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि थाने में एक महिला मजदूर की निर्माण साइट से नीचे गिरकर मौत की सूचना मिली थी। जिसके बाद महिला जांच अधिकारी सुशीला को अस्पताल भेजा गया। मैं खुद अस्पताल पहुंचा और परिजनों से बात की। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों के बयान दर्ज कर इस संबंध में फिलहाल इत्तफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की गई है।
इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने किया हंगामा
महिला की मौत के बाद परिजनों ने आपात विभाग के चिकित्सकों पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया। मृतका की बहन सपना ने आरोप लगाया कि उसकी बहन तड़पती रही लेकिन उसे कोई उपचार नहीं दिया गया। उसे एक्स-रे और सीटी स्कैन कराने के लिए भेज दिया गया। एक्स-रे काफी देर बाद हुआ लेकिन सीटी स्कैन नहीं हुआ। इसके बाद कुछ इंजेक्शन लगाकर उसे घर वापस भेज दिया गया। सपना ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही के कारण उसकी बहन की जान गई है।
महिला मजदूर को तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के बाद उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। मैंने उसका उपचार कार्ड देखा है। जिसमें उसे इंजेक्शन और उपचार दिया गया है। एक्स-रे और सीटी स्कैन लिखा गया था। मगर परिजन उसे घर ले गए। घर से महिला को मृत ही अस्पताल लाया गया है। इसमें अगर चिकित्सक की लापरवाही है तो जांच कराई जाएगी। -डॉ बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।