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Bhiwani News: कागज के संकट में उलझी जांच, मोबाइल स्क्रीन पर थमा रहे रिपोर्ट
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शहर के मेडिकल कॉलेज में हाथ धोने के बेसिन में पड़ी यूरिन जांच किट।
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भिवानी। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्थित खून जांच केंद्र की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। पहले जहां थायराइड, हैपेटाइटिस किट व यूरिन जांच डिस्पोजल की कमी बनी हुई थी वहीं अब रिपोर्ट तैयार करने के लिए पेपर ही खत्म हो गया है। ऐसे में केंद्र स्टाफ मरीजों के मोबाइल में फोटो खींचकर रिपोर्ट देने को मजबूर है। इसके अलावा हाथ धोने के बेसिन में यूरिन पीएच जांच किट पड़ी मिलीं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।
संवाददाता ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान खून जांच केंद्र पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए पेपर और खून जांच का सैंपल लेने के लिए लैब तकनीशियन की कमी स्पष्ट नजर आई। मरीज सुनीता, कुलदीप व नीतू ने बताया कि उन्हें खून जांच के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एक बार उन्हें नई बिल्डिंग में सैंपल देना पड़ता है जबकि रिपोर्ट लेने के लिए पुरानी बिल्डिंग में जाना पड़ता है।
पुरानी बिल्डिंग के कमरा नंबर 39 में जाने के बाद भी मरीजों को मोबाइल में फोटो खींचकर रिपोर्ट दी जा रही है, जिसके बाद चिकित्सक भी मोबाइल पर ही रिपोर्ट देख रहे हैं। शौचालय में पानी की टूटी के पास लोगों द्वारा यूरिन डालने की स्थिति देखी गई। वहीं यूरिन जांच किट भी पड़ी मिलीं। कुछ स्थानों पर पीने के पानी के स्थान पर भी यूरिन डाले जाने की बात सामने आई है जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ गया है। मरीजों ने बताया कि केंद्र पर सैंपल लेने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है और कई जगह प्रशिक्षु ही कार्य कर रहे हैं, जो अपनी मस्ती में घूमते रहते हैं। करीब 20 मिनट तक इंतजार करने के बावजूद सैंपल लेने कोई नहीं पहुंचा।
इस बारे में नागरिक अस्पताल प्रभारी डॉ. बलवान सिंह ने कहा कि खून जांच केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। केंद्र प्रभारी से भी इस संबंध में जानकारी ली जाएगी कि यह स्थिति क्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जो भी कमियां हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से ठीक करवाया जाएगा।
केंद्र में आ रहे प्रतिदिन 500 से अधिक सैंपल
खून जांच केंद्र पर प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक सैंपल आ रहे हैं। इनमें ओपीडी विभाग से 150, जबकि शेष आपात विभाग, वार्डों में दाखिल मरीजों व गर्भवती महिलाओं के सैंपल शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक सैंपल एलएफटी, केएफटी, सीबीसी, थायराइड व यूरिन जांच के लिए लगाए जा रहे हैं।
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संवाददाता ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान खून जांच केंद्र पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए पेपर और खून जांच का सैंपल लेने के लिए लैब तकनीशियन की कमी स्पष्ट नजर आई। मरीज सुनीता, कुलदीप व नीतू ने बताया कि उन्हें खून जांच के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एक बार उन्हें नई बिल्डिंग में सैंपल देना पड़ता है जबकि रिपोर्ट लेने के लिए पुरानी बिल्डिंग में जाना पड़ता है।
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पुरानी बिल्डिंग के कमरा नंबर 39 में जाने के बाद भी मरीजों को मोबाइल में फोटो खींचकर रिपोर्ट दी जा रही है, जिसके बाद चिकित्सक भी मोबाइल पर ही रिपोर्ट देख रहे हैं। शौचालय में पानी की टूटी के पास लोगों द्वारा यूरिन डालने की स्थिति देखी गई। वहीं यूरिन जांच किट भी पड़ी मिलीं। कुछ स्थानों पर पीने के पानी के स्थान पर भी यूरिन डाले जाने की बात सामने आई है जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ गया है। मरीजों ने बताया कि केंद्र पर सैंपल लेने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है और कई जगह प्रशिक्षु ही कार्य कर रहे हैं, जो अपनी मस्ती में घूमते रहते हैं। करीब 20 मिनट तक इंतजार करने के बावजूद सैंपल लेने कोई नहीं पहुंचा।
इस बारे में नागरिक अस्पताल प्रभारी डॉ. बलवान सिंह ने कहा कि खून जांच केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। केंद्र प्रभारी से भी इस संबंध में जानकारी ली जाएगी कि यह स्थिति क्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जो भी कमियां हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से ठीक करवाया जाएगा।
केंद्र में आ रहे प्रतिदिन 500 से अधिक सैंपल
खून जांच केंद्र पर प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक सैंपल आ रहे हैं। इनमें ओपीडी विभाग से 150, जबकि शेष आपात विभाग, वार्डों में दाखिल मरीजों व गर्भवती महिलाओं के सैंपल शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक सैंपल एलएफटी, केएफटी, सीबीसी, थायराइड व यूरिन जांच के लिए लगाए जा रहे हैं।

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