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Bhiwani News: बवानीखेड़ा में 272 मकानों की प्रॉपर्टी आईडी डिलीट, मुख्यमंत्री से की बहाली की मांग
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मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपते सुरेश ओड।
भिवानी। बवानीखेड़ा कस्बे में 272 मकानों की प्रॉपर्टी आईडी (पीआईडी) को वक्फ संपत्ति दर्शाकर डिलीट किए जाने का मामला गरमा गया है। राष्ट्रीय ओड सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश ओड ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपकर प्रभावित परिवारों की पीआईडी बहाल करने और उन्हें नियमानुसार मालिकाना हक देने की मांग की है।
सुरेश ओड के अनुसार देश विभाजन के समय ओड और पंजाबी समाज के विस्थापित परिवार बवानीखेड़ा में आकर बसे थे। ये परिवार करीब 75 वर्षों से अपने मकानों में रह रहे हैं और कई पीढ़ियां यहां गुजर चुकी हैं। उनका कहना है कि बिना ठोस पड़ताल के प्रॉपर्टी आईडी डिलीट किए जाने से प्रभावित परिवारों के आवास और संपत्ति संबंधी अधिकारों पर संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने बताया कि नगरपालिका रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से कई मकानों के नक्शे वर्ष 1977 में स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने मांग की कि पुराने रिकॉर्ड और स्वीकृत नक्शों की समीक्षा कर मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक परिवारों को परेशान न किया जाए और पात्र परिवारों की प्रॉपर्टी आईडी बहाल करने के साथ जमीन व मकानों का नियमानुसार स्थायी मालिकाना हक देने पर विचार किया जाए। मांग पत्र सौंपने के दौरान डॉ. प्रेम, राज कुमार, देशराज, दिनेश तायल जेई, दयानंद, महेंद्र, हरफूल इंस्पेक्टर और अशोक कक्कड़ भी मौजूद रहे।
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सुरेश ओड के अनुसार देश विभाजन के समय ओड और पंजाबी समाज के विस्थापित परिवार बवानीखेड़ा में आकर बसे थे। ये परिवार करीब 75 वर्षों से अपने मकानों में रह रहे हैं और कई पीढ़ियां यहां गुजर चुकी हैं। उनका कहना है कि बिना ठोस पड़ताल के प्रॉपर्टी आईडी डिलीट किए जाने से प्रभावित परिवारों के आवास और संपत्ति संबंधी अधिकारों पर संकट खड़ा हो गया है।
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उन्होंने बताया कि नगरपालिका रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से कई मकानों के नक्शे वर्ष 1977 में स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने मांग की कि पुराने रिकॉर्ड और स्वीकृत नक्शों की समीक्षा कर मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक परिवारों को परेशान न किया जाए और पात्र परिवारों की प्रॉपर्टी आईडी बहाल करने के साथ जमीन व मकानों का नियमानुसार स्थायी मालिकाना हक देने पर विचार किया जाए। मांग पत्र सौंपने के दौरान डॉ. प्रेम, राज कुमार, देशराज, दिनेश तायल जेई, दयानंद, महेंद्र, हरफूल इंस्पेक्टर और अशोक कक्कड़ भी मौजूद रहे।
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