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Chandigarh-Haryana News: अतिथि शिक्षक आज कुरुक्षेत्र में निकालेंगे न्याय रैली
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अतिथि शिक्षक नियमितीकरण की उठा रहे हैं मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नियमितीकरण की मांग को लेकर रविवार को अतिथि शिक्षक कुरुक्षेत्र में न्याय रैली निकालेंगे। रैली में प्रदेशभर के अतिथि अध्यापकों के साथ अन्य शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान अतिथि अध्यापक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा कि रैली के बाद शिक्षक न्याय रथ के साथ पैदल मार्च करते हुए चंडीगढ़ पहुंचेंगे और राज्यपाल के समक्ष अपनी मांग रखेंगे।
उन्होंने कहा कि 21 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों को वर्ष 2014 की तीन वर्षीय नीति के तहत जल्द नियमित किया जाए। धारशूल ने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद सरकार ने अतिथि अध्यापकों को बातचीत के लिए एक बार भी नहीं बुलाया। 25 मई 2026 के न्यायालय के आदेश की भावना के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। सरकार की ओर से गठित कमेटी पात्रता को लेकर सवाल पूछने की जगह यह बताने में लगी है कि अतिथि शिक्षकों को नियमित करने को लेकर नियमों में क्या-क्या दिक्कतें है।
मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली ने बताया कि नियमितीकरण की मांग को लेकर 21 अक्तूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की गई थी। नियमितीकरण तक संघर्ष जारी रहेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नियमितीकरण की मांग को लेकर रविवार को अतिथि शिक्षक कुरुक्षेत्र में न्याय रैली निकालेंगे। रैली में प्रदेशभर के अतिथि अध्यापकों के साथ अन्य शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान अतिथि अध्यापक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा कि रैली के बाद शिक्षक न्याय रथ के साथ पैदल मार्च करते हुए चंडीगढ़ पहुंचेंगे और राज्यपाल के समक्ष अपनी मांग रखेंगे।
उन्होंने कहा कि 21 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों को वर्ष 2014 की तीन वर्षीय नीति के तहत जल्द नियमित किया जाए। धारशूल ने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद सरकार ने अतिथि अध्यापकों को बातचीत के लिए एक बार भी नहीं बुलाया। 25 मई 2026 के न्यायालय के आदेश की भावना के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। सरकार की ओर से गठित कमेटी पात्रता को लेकर सवाल पूछने की जगह यह बताने में लगी है कि अतिथि शिक्षकों को नियमित करने को लेकर नियमों में क्या-क्या दिक्कतें है।
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मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली ने बताया कि नियमितीकरण की मांग को लेकर 21 अक्तूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की गई थी। नियमितीकरण तक संघर्ष जारी रहेगा।
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