सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Haryana Government Strict Stance Bank Will Change Upon Maturity of Every Fixed Deposit

हरियाणा सरकार की सख्ती: हर एफडी की मैच्योरिटी पर बदलेगा बैंक, बिना अनुमति नहीं खुलेंगे सरकारी बैंक खाते

आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Fri, 10 Apr 2026 11:11 AM IST
विज्ञापन
सार

वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता ने रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि एक ही विभाग या उपक्रम की सभी धनराशि एक ही बैंक में न रखी जाए। यानी अगर विभाग या उपक्रम के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि है तो उसका आधा पैसा किसी दूसरे बैंक में रखना होगा।

Haryana Government Strict Stance Bank Will Change Upon Maturity of Every Fixed Deposit
आईडीएफसी बैंक - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी फंड के गबन के मामले में राज्य सरकार की ओर से गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप दी है। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता ने रिपोर्ट में सिफारिश की है कि जब भी किसी बैंक में जमा एफडी मैच्योर होगी तो उसे दूसरे बैंक में ट्रांसफर करना होगा ताकि उसके मूलधन और ब्याज की राशि का पता चल सके। 
Trending Videos


भले ही कोई बैंक अधिक से अधिक ब्याज की बात करे मगर मैच्योर होने के बाद एफडी उस बैंक में नहीं रखनी है। प्रत्येक एफडी पर लागू ब्याज दर और जमा ब्याज का प्रमाण पत्र भी बैंक से लेना अनिवार्य होगा। आमतौर पर विभाग एफडी मैच्योर होने के बाद उसी बैंक में एफडी को जमा रखते थे। कोटक महेंद्रा बैंक में एफडी मैच्योर होती रही मगर अधिकारियों ने इसे चेक नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा अब वित्त विभाग की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी बैंक खाता नहीं खोला जाएगा। कमेटी ने यह भी पाया है कि कई विभागों ने अपनी मनमर्जी से निजी बैंकों में खाते खोल दिए थे।

यह भी सिफारिश की गई है कि एक ही विभाग या उपक्रम की सभी धनराशि एक ही बैंक में न रखी जाए। यानी अगर विभाग या उपक्रम के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि है तो उसका आधा पैसा किसी दूसरे बैंक में रखना होगा। इसके अलावा 2024 में जो बैंक सूचीबद्ध किए थे, पैसा सिर्फ उन्हीं बैंकों में रखा जाएगा। इसमें निजी बैंक भी शामिल हैं।

खातों और एफडी पर मिलने वाले ब्याज की जांच के निर्देश

कमेटी की रिपोर्ट सरकार के पास पहुंचने के बाद वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों को उनके बैंक खातों और एफडी पर मिलने वाले ब्याज की तुरंत जांच करने के निर्देश दिए हैं। वित्त विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपने बैंक खातों और एफडी की पूरी जांच करें और बैंकों द्वारा दी गई ब्याज दरों का वास्तविक जमा ब्याज से मिलान करें। यदि किसी मामले में ब्याज कम जमा हुआ है तो संबंधित बैंक से तुरंत अंतर राशि प्राप्त की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed