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कॉमनवेल्थ और ओलंपिक की मेजबानी हरियाणा को मिले : दीपेंद्र
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कहा- मुख्यमंत्री नायब सैनी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाना चाहिए मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को कॉमनवेल्थ खेल 2030 और ओलंपिक खेल 2036 का आयोजन गुजरात की बजाय हरियाणा में कराने का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाना चाहिए। इन आयोजनों में अनुमानित 2.34 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। प्रदेश के खिलाड़ियों के योगदान को देखते हुए यह अवसर हरियाणा को मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब दो प्रतिशत है लेकिन ओलंपिक दल में प्रदेश के खिलाड़ियों की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत और पदकों में योगदान 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके बावजूद हरियाणा को मेजबान या सह मेजबान बनाने के लिए प्रस्ताव तक नहीं भेजा गया। हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासन की पदक लाओ, पद पाओ खेल प्रोत्साहन नीतियां बंद कर दीं हैं। कांग्रेस के समय बने 481 खेल स्टेडियमों के रखरखाव के लिए भी पर्याप्त बजट नहीं दिया गया। अंतरराष्ट्रीय आयोजन हरियाणा में होने से स्टेडियम, खेल अकादमियों, हाईवे और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास होगा तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को कॉमनवेल्थ खेल 2030 और ओलंपिक खेल 2036 का आयोजन गुजरात की बजाय हरियाणा में कराने का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाना चाहिए। इन आयोजनों में अनुमानित 2.34 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। प्रदेश के खिलाड़ियों के योगदान को देखते हुए यह अवसर हरियाणा को मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब दो प्रतिशत है लेकिन ओलंपिक दल में प्रदेश के खिलाड़ियों की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत और पदकों में योगदान 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके बावजूद हरियाणा को मेजबान या सह मेजबान बनाने के लिए प्रस्ताव तक नहीं भेजा गया। हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासन की पदक लाओ, पद पाओ खेल प्रोत्साहन नीतियां बंद कर दीं हैं। कांग्रेस के समय बने 481 खेल स्टेडियमों के रखरखाव के लिए भी पर्याप्त बजट नहीं दिया गया। अंतरराष्ट्रीय आयोजन हरियाणा में होने से स्टेडियम, खेल अकादमियों, हाईवे और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास होगा तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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