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जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाना लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला : लांबा
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12 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कर्मचारी रैली निकालेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के स्थल से हटाने के फैसले की कड़ी निंदा की है। महासंघ ने इसे लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला बताया है। 12 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कर्मचारी रैली निकालेंगे। महासंघ ने कर्मचारियों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और मांगों के लिए रैली को सफल बनाने का आह्वान किया है।
महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बयान जारी कर कहा कि सरकार जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय जनता की आवाज दबाने पर आमादा है। लांबा ने कहा कि जंतर-मंतर दशकों से आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। इसे प्रदर्शन स्थल से हटाकर रामलीला मैदान जैसे नए स्थल को घोषित करना आंदोलनकारियों के लिए अनावश्यक मुश्किलें खड़ी करेगा। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान का एक दिन का किराया 50 हजार रुपये से अधिक है। इसे सभी संगठन वहन नहीं कर सकते हैं। महासंघ ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। कहा जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल घोषित किया जाए। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण पर रोक की मांग दोहराई।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के स्थल से हटाने के फैसले की कड़ी निंदा की है। महासंघ ने इसे लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला बताया है। 12 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कर्मचारी रैली निकालेंगे। महासंघ ने कर्मचारियों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और मांगों के लिए रैली को सफल बनाने का आह्वान किया है।
महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बयान जारी कर कहा कि सरकार जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय जनता की आवाज दबाने पर आमादा है। लांबा ने कहा कि जंतर-मंतर दशकों से आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। इसे प्रदर्शन स्थल से हटाकर रामलीला मैदान जैसे नए स्थल को घोषित करना आंदोलनकारियों के लिए अनावश्यक मुश्किलें खड़ी करेगा। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान का एक दिन का किराया 50 हजार रुपये से अधिक है। इसे सभी संगठन वहन नहीं कर सकते हैं। महासंघ ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। कहा जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल घोषित किया जाए। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण पर रोक की मांग दोहराई।
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