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Chandigarh-Haryana News: 120 अंकों की मेरिट से होंगे तबादले, उम्र और अनुभव बनेंगे सबसे बड़े आधार
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- नई तबादला नीति में विशेष श्रेणियों के नियम बदले, कई पुराने लाभ खत्म किए
- मंजूरी के लिए नई शिक्षक तबादला नीति को 22 जून को कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की नई शिक्षक तबादला नीति में अब ट्रांसफर और पोस्टिंग का फैसला 120 अंकों की मेरिट प्रणाली के आधार पर होगा। नियमों में साफ है कि शिक्षकों को मिलने वाले अंक उनकी उम्र, सेवा अनुभव और विशेष श्रेणियों के आधार पर तय होंगे। इसी मेरिट के अनुसार तबादलों में प्राथमिकता मिलेगी। अब 22 जून को कैबिनेट की बैठक में इस नीति को मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
पुरानी शिक्षक तबादला नीति रद्द होने के बाद नई व्यवस्था में उम्र को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। पात्रता तिथि तक शिक्षक की जितनी आयु होगी उसके आधे के बराबर अंक मिलेंगे यानी 50 वर्ष की आयु वाले शिक्षक को 25 अंक प्राप्त होंगे। सेवा अनुभव के लिए अधिकतम 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। जिस शिक्षक ने जितने वर्ष संबंधित कैडर में सेवा की होगी, उसे उतने ही अंक मिलेंगे।
सरकार ने कुछ विशेष श्रेणियों को अतिरिक्त राहत भी दी है। सिंगल पैरेंट शिक्षकों को अब 10 विशेष अंक मिलेंगे जिससे उन्हें मनचाहे स्थान के करीब तबादले में मदद मिल सकती है। दिव्यांग शिक्षकों के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है। अब 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी शिक्षक सुरक्षित श्रेणी में शामिल होंगे। पहले इस नियम का दायरा सीमित था।
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सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को भी राहत दी गई है। पहले रिटायरमेंट से 12 महीने पहले तक के शिक्षक सुरक्षित श्रेणी में आते थे लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 18 महीने कर दी गई है। इससे ऐसे शिक्षक अनावश्यक तबादलों से बच सकेंगे।
नई नीति में कुछ सुविधाएं समाप्त भी कर दी गई हैं। 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षकों को अब विशेष श्रेणी के अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे। पुरुष शिक्षकों को भी केवल नाबालिग बच्चों या अविवाहित बेटियों के आधार पर कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जाएगा। कपल्स केस के नियम भी सख्त किए गए हैं। अब यह लाभ केवल नियमित शिक्षकों को मिलेगा। अनुबंध या अन्य श्रेणी के कर्मचारियों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कपल्स केस में केवल राज्य और केंद्र सरकार के विभाग, बोर्ड, विश्वविद्यालय, परिषद, नगर निकाय और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान ही मान्य होंगे। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु का कहना है कि सरकार को नई नीति को जल्द लागू कर शिक्षकों का तबादलों का इंतजार खत्म करना चाहिए।
- मंजूरी के लिए नई शिक्षक तबादला नीति को 22 जून को कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की नई शिक्षक तबादला नीति में अब ट्रांसफर और पोस्टिंग का फैसला 120 अंकों की मेरिट प्रणाली के आधार पर होगा। नियमों में साफ है कि शिक्षकों को मिलने वाले अंक उनकी उम्र, सेवा अनुभव और विशेष श्रेणियों के आधार पर तय होंगे। इसी मेरिट के अनुसार तबादलों में प्राथमिकता मिलेगी। अब 22 जून को कैबिनेट की बैठक में इस नीति को मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
पुरानी शिक्षक तबादला नीति रद्द होने के बाद नई व्यवस्था में उम्र को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। पात्रता तिथि तक शिक्षक की जितनी आयु होगी उसके आधे के बराबर अंक मिलेंगे यानी 50 वर्ष की आयु वाले शिक्षक को 25 अंक प्राप्त होंगे। सेवा अनुभव के लिए अधिकतम 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। जिस शिक्षक ने जितने वर्ष संबंधित कैडर में सेवा की होगी, उसे उतने ही अंक मिलेंगे।
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सरकार ने कुछ विशेष श्रेणियों को अतिरिक्त राहत भी दी है। सिंगल पैरेंट शिक्षकों को अब 10 विशेष अंक मिलेंगे जिससे उन्हें मनचाहे स्थान के करीब तबादले में मदद मिल सकती है। दिव्यांग शिक्षकों के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है। अब 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी शिक्षक सुरक्षित श्रेणी में शामिल होंगे। पहले इस नियम का दायरा सीमित था।
सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को भी राहत दी गई है। पहले रिटायरमेंट से 12 महीने पहले तक के शिक्षक सुरक्षित श्रेणी में आते थे लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 18 महीने कर दी गई है। इससे ऐसे शिक्षक अनावश्यक तबादलों से बच सकेंगे।
नई नीति में कुछ सुविधाएं समाप्त भी कर दी गई हैं। 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षकों को अब विशेष श्रेणी के अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे। पुरुष शिक्षकों को भी केवल नाबालिग बच्चों या अविवाहित बेटियों के आधार पर कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जाएगा। कपल्स केस के नियम भी सख्त किए गए हैं। अब यह लाभ केवल नियमित शिक्षकों को मिलेगा। अनुबंध या अन्य श्रेणी के कर्मचारियों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कपल्स केस में केवल राज्य और केंद्र सरकार के विभाग, बोर्ड, विश्वविद्यालय, परिषद, नगर निकाय और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान ही मान्य होंगे। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु का कहना है कि सरकार को नई नीति को जल्द लागू कर शिक्षकों का तबादलों का इंतजार खत्म करना चाहिए।