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Charkhi Dadri News: करोड़ों खर्च के बाद भी प्यास बाकी, आंतरिक ढांचा बना पेयजल संकट की बड़ी वजह
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:35 AM IST
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शहर के चंपापुर स्थित जलघर।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले में जल जीवन मिशन योजना पूरी होने व शहर में पेयजल के 115 करोड़ के प्रोजेक्ट के 31 मार्च तक पूरा होने के साथ-साथ अब पेयजल आपूर्ति के आंतरिक ढांचे में सुधार के लिए विभाग को काम करना होगा। इसके लिए पानी का प्रेशर बढ़ाने, अवैध पेयजल कनेक्शनों पर अंकुश लगाने, नए जोन बनाकर पानी का प्रेशर बढ़ाने व मेन लाइनों में कनेक्शन रोकने पर काम करने की सख्त जरूरत है ताकि पानी का दबाव बढ़ जाए। इस समय शहर की कॉलोनियों में पानी का प्रेशर नहीं बन पा रहा है, जिससे पानी का समान रूप से वितरण नहीं हो पा रहा है। जिले के 95,900 पेयजल उपभोक्ताओं को आगामी गर्मी सीजन में एक दशक से चले आ रहे पेयजल संकट से राहत दिलाने की सख्त जरूरत है।
250 करोड़ की राशि खर्च
जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में करीब 250 करोड़ रुपये पेयजल आपूर्ति में सुधार एवं विस्तार पर खर्च किए गए हैं। इसके तहत कई गांवों में नए जलघर बनाए गए हैं। पुराने जलघरों की पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है। जिले में 1.60 लाख मीटर लंबी नई पेयजल लाइनें बिछाई गई हैं। जलघरों में नई एवं ज्यादा क्षमता की मोटरें लगाई गई हैं। पानी साफ करने के लिए मीडिया फिल्टर भी लगे हैं।
घिकाड़ा जलघर को किया अपडेट
इसी प्रकार शहर में 115 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट पर काम जारी है। इसके तहत शहर की पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है। शहर से सटे गांव घिकाड़ा के जलघर को अपग्रेड कर इससे शहर के 35 प्रतिशत भागों में पेयजल आपूर्ति की जानी है। शहर में पहले से बने दो जलघरों की पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है। शहर के कई भागों में नई पेयजल लाइनें भी बिछाई जानी हैं।
आंतरिक ढांचे के सुधार की जरूरत
गर्मी सीजन में शहर व गांवों में पेयजल संकट न हो इसके लिए अब आंतरिक ढांचे में सुधार करने की जरूरत है। इसके तहत व्यवस्थित ढंग से नए जोन बनाकर पानी का प्रेशर बढ़ाने की जरूरत है ताकि अंतिम छोर पर पड़ने भागों में भी दबाव के साथ पानी पहुंच सके। इसके साथ-साथ शहर में करीब 20 हजार अवैध पेयजल कनेक्शनों को या तो नियमित करने या काटने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है, तब जाकर ये प्रोजेक्ट सफल हो पाएंगे। इसके साथ-साथ शहर में प्रतिदिन पेयजल सप्लाई करने के लिए भी विशेष कार्य योजना तैयार करनी होगी। इस समय शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 120 लीटर पानी नहीं मिल पा रहा है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में तो तीन से चार दिन में पेयजल सप्लाई हो रही है।
लोगों ने की अपील
पूर्व पार्षद वीरेंद्र चरखी, पार्षद रचना देवी, पूर्व पार्षद आनंद सिंह, पूर्व सैनिक धर्मबीर सिंह, पूर्व सैनिक रामफल चाहर का कहना है कि कॉलोनियों में पानी का प्रेशर नहीं बन पा रहा है। अंतिम छोर पर पड़ने वाले भागों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग को अब इस दिशा में काम करने की जरूरत है। शहर में पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है। इसलिए गर्मी के मौसम से पहले सुधार हो जाएगा तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
वर्सन:
धीरे-धीरे शहर के आंतरिक पेयजल ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा। ताकि लोगों को शुद्ध पेजयल मिल सके। आगामी दिनों में इस पर काम किया जाना है, शहर के हर घर को स्वच्छ पेयजल देने के लिए विभाग काम कर रहा है।
- सोहन लाल, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग दादरी।
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250 करोड़ की राशि खर्च
जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में करीब 250 करोड़ रुपये पेयजल आपूर्ति में सुधार एवं विस्तार पर खर्च किए गए हैं। इसके तहत कई गांवों में नए जलघर बनाए गए हैं। पुराने जलघरों की पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है। जिले में 1.60 लाख मीटर लंबी नई पेयजल लाइनें बिछाई गई हैं। जलघरों में नई एवं ज्यादा क्षमता की मोटरें लगाई गई हैं। पानी साफ करने के लिए मीडिया फिल्टर भी लगे हैं।
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घिकाड़ा जलघर को किया अपडेट
इसी प्रकार शहर में 115 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट पर काम जारी है। इसके तहत शहर की पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है। शहर से सटे गांव घिकाड़ा के जलघर को अपग्रेड कर इससे शहर के 35 प्रतिशत भागों में पेयजल आपूर्ति की जानी है। शहर में पहले से बने दो जलघरों की पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है। शहर के कई भागों में नई पेयजल लाइनें भी बिछाई जानी हैं।
आंतरिक ढांचे के सुधार की जरूरत
गर्मी सीजन में शहर व गांवों में पेयजल संकट न हो इसके लिए अब आंतरिक ढांचे में सुधार करने की जरूरत है। इसके तहत व्यवस्थित ढंग से नए जोन बनाकर पानी का प्रेशर बढ़ाने की जरूरत है ताकि अंतिम छोर पर पड़ने भागों में भी दबाव के साथ पानी पहुंच सके। इसके साथ-साथ शहर में करीब 20 हजार अवैध पेयजल कनेक्शनों को या तो नियमित करने या काटने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है, तब जाकर ये प्रोजेक्ट सफल हो पाएंगे। इसके साथ-साथ शहर में प्रतिदिन पेयजल सप्लाई करने के लिए भी विशेष कार्य योजना तैयार करनी होगी। इस समय शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 120 लीटर पानी नहीं मिल पा रहा है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में तो तीन से चार दिन में पेयजल सप्लाई हो रही है।
लोगों ने की अपील
पूर्व पार्षद वीरेंद्र चरखी, पार्षद रचना देवी, पूर्व पार्षद आनंद सिंह, पूर्व सैनिक धर्मबीर सिंह, पूर्व सैनिक रामफल चाहर का कहना है कि कॉलोनियों में पानी का प्रेशर नहीं बन पा रहा है। अंतिम छोर पर पड़ने वाले भागों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग को अब इस दिशा में काम करने की जरूरत है। शहर में पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है। इसलिए गर्मी के मौसम से पहले सुधार हो जाएगा तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
वर्सन:
धीरे-धीरे शहर के आंतरिक पेयजल ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा। ताकि लोगों को शुद्ध पेजयल मिल सके। आगामी दिनों में इस पर काम किया जाना है, शहर के हर घर को स्वच्छ पेयजल देने के लिए विभाग काम कर रहा है।
- सोहन लाल, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग दादरी।