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Charkhi Dadri News: आगजनी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार ने खोला ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:46 AM IST
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- अचिना व झिंझर गांव के प्रभावित किसान 29 अप्रैल 2026 तक तत्काल करें आवेदन: उपायुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरीउपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला के गांव अचिना और झिंझर में बीते दिन हुई आगजनी की घटना से किसानों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। प्रभावित किसान अपने नुकसान का विवरण इस पोर्टल पर 29 अप्रैल तक दर्ज कर सकते हैं। उपायुक्त ने दोनों गांवों के प्रभावित किसानों से आह्वान किया है कि वे बिना किसी देरी के समय रहते अपने नुकसान का पंजीकरण ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल केवल 29 अप्रैल तक ही खुला रहेगा, इसलिए किसान तत्काल आवेदन प्रक्रिया पूरी करें ताकि मुआवजे की आगामी कार्यवाही में कोई बाधा न आए। डॉ. नागपाल ने बताया कि आगजनी की घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर गत रात्रि ही चंडीगढ़ स्थित उच्च अधिकारियों को भेज दी गई थी। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और किसानों के हित में पोर्टल खोलने का निर्णय लिया, ताकि उन्हें जल्द से जल्द राहत प्रदान की जा सके।
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चरखी दादरीउपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला के गांव अचिना और झिंझर में बीते दिन हुई आगजनी की घटना से किसानों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। प्रभावित किसान अपने नुकसान का विवरण इस पोर्टल पर 29 अप्रैल तक दर्ज कर सकते हैं। उपायुक्त ने दोनों गांवों के प्रभावित किसानों से आह्वान किया है कि वे बिना किसी देरी के समय रहते अपने नुकसान का पंजीकरण ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल केवल 29 अप्रैल तक ही खुला रहेगा, इसलिए किसान तत्काल आवेदन प्रक्रिया पूरी करें ताकि मुआवजे की आगामी कार्यवाही में कोई बाधा न आए। डॉ. नागपाल ने बताया कि आगजनी की घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर गत रात्रि ही चंडीगढ़ स्थित उच्च अधिकारियों को भेज दी गई थी। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और किसानों के हित में पोर्टल खोलने का निर्णय लिया, ताकि उन्हें जल्द से जल्द राहत प्रदान की जा सके।

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