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Charkhi Dadri News: नौकरी के नाम पर विदेश भेजने, 58 लाख की ठगी व मारपीट करने वाले गिरोह का एक आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:34 AM IST
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चरखी दादरी। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक को अवैध तरीके से बाहर भेजने, उसके साथ मारपीट करने और करीब 58 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी रामसिंह करनाल जिले के गांव खेड़ी नरु का रहने वाले है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि सितंबर 2024 में गांव रानीला निवासी अंकित ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि जनवरी 2024 में बहालगढ़ (सोनीपत) में कबड्डी की कोचिंग के दौरान उसकी मुलाकात अरविंद नरवाल उर्फ काला से हुई थी। अरविंद ने खुद को विदेश भेजने वाला एजेंट बताते हुए दावा किया कि वह अब तक अपने गांव और आसपास के एक हजार से अधिक लोगों को कानूनी तरीके से विदेश भेज चुका है और वर्क परमिट व रहने की व्यवस्था भी कराता है।
आरोपी की बातों में आकर 10 अप्रैल 2024 को अंकित ने अरविंद, रामसिंह और एक अन्य आरोपी को अपने घर बुलाया। तीनों ने उसे अमेरिका भेजने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद 20 अप्रैल 2024 को अलग-अलग किश्तों में उसने 10 लाख, 5 लाख 15 हजार और 11 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। बाद में रोहतक के दिल्ली बाईपास पर बुलाकर उससे फिर 11 लाख रुपये लिए गए और बदले में कुछ डॉलर देकर उसे विदेश भेजने की बात कही गई।
आरोपियों ने पहले उसे दुबई भेजा, जहां अमेरिका के वर्क वीजा के नाम पर कोई प्रक्रिया नहीं हुई। कुछ दिन बाद उसे दिल्ली बुलाकर नीदरलैंड (एम्स्टर्डम) भेज दिया गया। वहां से उसे सुरिनाम (लैटिन अमेरिका) भेजा गया, जहां रामसिंह के एजेंट संदीप और सोनू ने उसे एक कमरे में बंद कर मारपीट की। आरोपियों ने उसका पासपोर्ट और दिए गए डॉलर भी छीन लिए और और अधिक पैसों की मांग की।
इसके बाद आरोपियों ने उसके चाचा के घर रोहतक जाकर 15 लाख रुपये और ले लिए। फिर युवक को डंकी रूट के जरिए समुद्री रास्ते से घाना भेजा गया। वहां से ब्राजील, बोलीविया, पेरू और इक्वाडोर होते हुए कोलंबिया पहुंचाया गया। इस पूरे घटनाक्रम में आरोपियों ने मिलकर युवक से कुल 58 लाख रुपये की ठगी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर आर्थिक अपराध शाखा को जांच सौंपी।
सोमवार को ईओडब्ल्यू के एसआई सुरेंद्र ने आरोपी रामसिंह को गिरफ्तार किया। रिमांड के दौरान उसके अन्य साथियों के ठिकानों पर भी दबिश दी गई। बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापा मार रही है।
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पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि सितंबर 2024 में गांव रानीला निवासी अंकित ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि जनवरी 2024 में बहालगढ़ (सोनीपत) में कबड्डी की कोचिंग के दौरान उसकी मुलाकात अरविंद नरवाल उर्फ काला से हुई थी। अरविंद ने खुद को विदेश भेजने वाला एजेंट बताते हुए दावा किया कि वह अब तक अपने गांव और आसपास के एक हजार से अधिक लोगों को कानूनी तरीके से विदेश भेज चुका है और वर्क परमिट व रहने की व्यवस्था भी कराता है।
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आरोपी की बातों में आकर 10 अप्रैल 2024 को अंकित ने अरविंद, रामसिंह और एक अन्य आरोपी को अपने घर बुलाया। तीनों ने उसे अमेरिका भेजने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद 20 अप्रैल 2024 को अलग-अलग किश्तों में उसने 10 लाख, 5 लाख 15 हजार और 11 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। बाद में रोहतक के दिल्ली बाईपास पर बुलाकर उससे फिर 11 लाख रुपये लिए गए और बदले में कुछ डॉलर देकर उसे विदेश भेजने की बात कही गई।
आरोपियों ने पहले उसे दुबई भेजा, जहां अमेरिका के वर्क वीजा के नाम पर कोई प्रक्रिया नहीं हुई। कुछ दिन बाद उसे दिल्ली बुलाकर नीदरलैंड (एम्स्टर्डम) भेज दिया गया। वहां से उसे सुरिनाम (लैटिन अमेरिका) भेजा गया, जहां रामसिंह के एजेंट संदीप और सोनू ने उसे एक कमरे में बंद कर मारपीट की। आरोपियों ने उसका पासपोर्ट और दिए गए डॉलर भी छीन लिए और और अधिक पैसों की मांग की।
इसके बाद आरोपियों ने उसके चाचा के घर रोहतक जाकर 15 लाख रुपये और ले लिए। फिर युवक को डंकी रूट के जरिए समुद्री रास्ते से घाना भेजा गया। वहां से ब्राजील, बोलीविया, पेरू और इक्वाडोर होते हुए कोलंबिया पहुंचाया गया। इस पूरे घटनाक्रम में आरोपियों ने मिलकर युवक से कुल 58 लाख रुपये की ठगी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर आर्थिक अपराध शाखा को जांच सौंपी।
सोमवार को ईओडब्ल्यू के एसआई सुरेंद्र ने आरोपी रामसिंह को गिरफ्तार किया। रिमांड के दौरान उसके अन्य साथियों के ठिकानों पर भी दबिश दी गई। बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापा मार रही है।