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Charkhi Dadri News: डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का रास्ता साफ, सीएम ने दी हरी झंडी
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हिसार। शहर में सीवर संबंधी समस्याओं के समाधान की राह में अड़चन बने बहुप्रतीक्षित डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने नायब सैनी की अध्यक्षता में आयोजित रेट अप्रूवल कमेटी ने हिसार की दो परियोजनाओं को मंजूर कर दिया। इसमें 34.38 करोड़ की लागत से डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने और 21 करोड़ रुपये से पार्क- ग्रीन बेल्ट विकसित करना शामिल हैं।
बैठक में नगर निगम की ओर से शामिल कार्यकारी अधिकारी जयबीर डूडी ने बताया कि कमेटी ने दोनों परियोजनाओं की दरों को अनुमोदित कर दिया है। शहर में संचालित करीब 396 पशु डेयरियों को यहां शिफ्ट करने के लिए 34.38 करोड़ रुपये की लागत से डेयरी प्लाजा का काम अब तेजी से आगे बढ़ेगा। दिल्ली की एजेंसी को यह काम सौंपा गया है। एक महीने में वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।एजेंसी को दो साल में पूरा काम करना होगा।
यूं चली प्रक्रिया
नगर निगम ने डेयरी प्रोजेक्ट के लिए सबसे पहले धान्सू रोड पर जमीन ली थी लेकिन प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2004-05 में डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा दोबारा से उठा तो अफसरों को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की। साल 2010 में डेयरी शिफ्टिंग के लिए शहर में सर्वे किया गया जिसमें 292 डेयरियां संचालित पाई गईं। निगम अधिकारियों ने अगस्त 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़ 7 कनाल 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा लेकिन इसके बाद भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। 29 दिसंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के लिए फिर घोषणा की। शहर के चारों तरफ 25-25 एकड़ जमीन पर डेयरियां शिफ्ट करने की योजना बनाई लेकिन चारों ओर जमीन नहीं मिलने के बाद आखिरकार साउथ बाईपास (बगला रोड) पर ही 50 एकड़ जमीन फाइनल की गई।
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प्लॉटों की बोली के बाद फिर फंसा पेच
नगर निगम ने बगला रोड पर चिह्नित 50 एकड़ जमीन पर डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का प्रारूप बनाकर कुछ प्लॉटों की बोली करवा दी मगर मुख्यालय ने इस पर आपत्ति जता दी। इसके बाद निगम प्रशासन ने वर्ष 2023 में यह कहते हुए प्लॉट की बोली को रद्द कर दिया कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट डिजाइन नहीं किया गया। प्रोजेक्ट की पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की गई। इसके तहत दोबारा से प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार कर मंजूरी ली गई और प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त की। वर्ष 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के चलते इस प्रोजेक्ट पर काम नहीं हो सका। वर्ष 2025 में इस प्रोजेक्ट के लिए चार बार टेंडर मांगे गए लेकिन एजेंसियां सामने नहीं आईं। अगस्त 2026 में टेंडर की प्रक्रिया को पूरा किया गया।
1000 गज तक के प्लॉट मिलेंगे डेयरी संचालकों को
बगला रोड पर विकसित किए जाने वाले डेयरी प्लाजा में 342 प्लॉट का प्रावधान है। इनमें 250 गज के 239 प्लॉट, 350 गज के 68 प्लॉट, 500 गज के 27 प्लॉट और 1000 गज के 8 प्लॉट शामिल हैं। हालांकि पुराने लेआउट प्लान में कुल 410 प्लॉट थे। इसके अलावा 1170 गज में मिल्क चिलिंग प्लांट, 5360 गज में गोबर गैस प्लांट और 3688 गज में वाटर वर्क्स का प्रावधान किया गया है। डेयरी संचालकों को बोली के आधार पर प्लॉट दिए जाएंगे।
4 प्रतिशत कम में पार्क -ग्रीन बेल्ट का का करेगी एजेंसी
नगर निगम एरिया में बदहाल पड़ी ग्रीन बेल्ट व पार्क को लेकर राहत मिली है। निगम के 21 करोड़ के टेंडर को 14 प्रतिशत कम में छोड़ा गया है। निगम की ओर से 21 करोड़ खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। एजेंसी इस काम को 2.80 करोड़ रुपये कम यानी 18.20 करोड़ में ही करने को तैयार हो गई है। इस कार्य के लिए नवंबर अंत तक वर्क ऑर्डर जारी करने की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा...ईपीएस लगाएं..
शहर से डेयरियां शिफ्ट नहीं होने से आमजन को हो रही समस्याओं को अमर उजाला ने लगातार उठाया। 21अक्तूबर से डेयरी प्रोजेक्ट का इंतजार शीर्षक से अभियान चलाकर इस मुद्दे को फिर से प्रमुखता से उठाया।
डेयरी प्रोजेक्ट को लेकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दिल्ली की एजेंसी को टेंडर दिया गया है। सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस प्रोजेक्ट के लिए रेट अप्रूवल भी मिल गया है। करीब एक महीने में एजेंसी को वर्क ऑर्डर एजेंसी को दे दिया जाएगा।- जयबीर डूडी, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम , हिसार
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बैठक में नगर निगम की ओर से शामिल कार्यकारी अधिकारी जयबीर डूडी ने बताया कि कमेटी ने दोनों परियोजनाओं की दरों को अनुमोदित कर दिया है। शहर में संचालित करीब 396 पशु डेयरियों को यहां शिफ्ट करने के लिए 34.38 करोड़ रुपये की लागत से डेयरी प्लाजा का काम अब तेजी से आगे बढ़ेगा। दिल्ली की एजेंसी को यह काम सौंपा गया है। एक महीने में वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।एजेंसी को दो साल में पूरा काम करना होगा।
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यूं चली प्रक्रिया
नगर निगम ने डेयरी प्रोजेक्ट के लिए सबसे पहले धान्सू रोड पर जमीन ली थी लेकिन प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2004-05 में डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा दोबारा से उठा तो अफसरों को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की। साल 2010 में डेयरी शिफ्टिंग के लिए शहर में सर्वे किया गया जिसमें 292 डेयरियां संचालित पाई गईं। निगम अधिकारियों ने अगस्त 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़ 7 कनाल 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा लेकिन इसके बाद भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। 29 दिसंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के लिए फिर घोषणा की। शहर के चारों तरफ 25-25 एकड़ जमीन पर डेयरियां शिफ्ट करने की योजना बनाई लेकिन चारों ओर जमीन नहीं मिलने के बाद आखिरकार साउथ बाईपास (बगला रोड) पर ही 50 एकड़ जमीन फाइनल की गई।
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प्लॉटों की बोली के बाद फिर फंसा पेच
नगर निगम ने बगला रोड पर चिह्नित 50 एकड़ जमीन पर डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का प्रारूप बनाकर कुछ प्लॉटों की बोली करवा दी मगर मुख्यालय ने इस पर आपत्ति जता दी। इसके बाद निगम प्रशासन ने वर्ष 2023 में यह कहते हुए प्लॉट की बोली को रद्द कर दिया कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट डिजाइन नहीं किया गया। प्रोजेक्ट की पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की गई। इसके तहत दोबारा से प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार कर मंजूरी ली गई और प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त की। वर्ष 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के चलते इस प्रोजेक्ट पर काम नहीं हो सका। वर्ष 2025 में इस प्रोजेक्ट के लिए चार बार टेंडर मांगे गए लेकिन एजेंसियां सामने नहीं आईं। अगस्त 2026 में टेंडर की प्रक्रिया को पूरा किया गया।
1000 गज तक के प्लॉट मिलेंगे डेयरी संचालकों को
बगला रोड पर विकसित किए जाने वाले डेयरी प्लाजा में 342 प्लॉट का प्रावधान है। इनमें 250 गज के 239 प्लॉट, 350 गज के 68 प्लॉट, 500 गज के 27 प्लॉट और 1000 गज के 8 प्लॉट शामिल हैं। हालांकि पुराने लेआउट प्लान में कुल 410 प्लॉट थे। इसके अलावा 1170 गज में मिल्क चिलिंग प्लांट, 5360 गज में गोबर गैस प्लांट और 3688 गज में वाटर वर्क्स का प्रावधान किया गया है। डेयरी संचालकों को बोली के आधार पर प्लॉट दिए जाएंगे।
4 प्रतिशत कम में पार्क -ग्रीन बेल्ट का का करेगी एजेंसी
नगर निगम एरिया में बदहाल पड़ी ग्रीन बेल्ट व पार्क को लेकर राहत मिली है। निगम के 21 करोड़ के टेंडर को 14 प्रतिशत कम में छोड़ा गया है। निगम की ओर से 21 करोड़ खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। एजेंसी इस काम को 2.80 करोड़ रुपये कम यानी 18.20 करोड़ में ही करने को तैयार हो गई है। इस कार्य के लिए नवंबर अंत तक वर्क ऑर्डर जारी करने की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा...ईपीएस लगाएं..
शहर से डेयरियां शिफ्ट नहीं होने से आमजन को हो रही समस्याओं को अमर उजाला ने लगातार उठाया। 21अक्तूबर से डेयरी प्रोजेक्ट का इंतजार शीर्षक से अभियान चलाकर इस मुद्दे को फिर से प्रमुखता से उठाया।
डेयरी प्रोजेक्ट को लेकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दिल्ली की एजेंसी को टेंडर दिया गया है। सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस प्रोजेक्ट के लिए रेट अप्रूवल भी मिल गया है। करीब एक महीने में एजेंसी को वर्क ऑर्डर एजेंसी को दे दिया जाएगा।- जयबीर डूडी, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम , हिसार