{"_id":"6add0803a79cdcab7007f83d","slug":"flood-of-electricity-related-complaints-following-the-end-of-the-strike-all-690-complaints-resolved-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1004-162102-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: हड़ताल खत्म होते ही बिजली शिकायतों का अंबार, सभी 690 शिकायतों का निपटारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: हड़ताल खत्म होते ही बिजली शिकायतों का अंबार, सभी 690 शिकायतों का निपटारा
Sun, 25 Oct 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:03 AM IST
विज्ञापन
घिकाड़ा रोड पर ट्रांसफार्मर में आए फॉल्ट को ठीक करते निगम के कर्मचारी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। बिजली निगम के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए निगम ने पूरी ताकत झोंक दी। हड़ताल समाप्त होने के बाद शिकायत केंद्रों पर 690 शिकायतें दर्ज हुईं।
इनमें 90 शिकायतें ऑफलाइन और 600 ऑनलाइन माध्यम से मिलीं। शिकायतों का जल्द निपटारा करने के लिए निगम के कर्मचारियों ने अपने अवकाश रद कर फील्ड में मोर्चा संभाला। शनिवार दोपहर ढाई बजे तक सभी शिकायतों का समाधान कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। हड़ताल खत्म होते ही बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कर्मचारियों ने प्राथमिकता के आधार पर खराबियों को दूर करने का काम शुरू किया। निगम के 208 एचकेआरएन और 102 स्थायी कर्मचारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों में आई तकनीकी खामियों को ठीक किया।
कर्मचारियों ने लगातार काम करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया। फील्ड में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता महेश कुमार ने बताया कि शिकायतों में सबसे अधिक मामले ट्रांसफार्मर में अर्थिंग की समस्या, केबल जलने और जंफर में खराबी आने से संबंधित थे। इन तकनीकी खामियों के कारण विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर खराब उपकरणों की जांच की और आवश्यक मरम्मत के बाद आपूर्ति बहाल की।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के निपटारे का काम हड़ताल समाप्त होते ही तेज कर दिया गया था। अधिकतर शिकायतों का समाधान शुक्रवार को ही कर दिया गया था जबकि शेष शिकायतों को शनिवार दोपहर तक दूर कर लिया गया। इससे बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे उपभोक्ताओं को राहत मिली।
अवकाश रद कर कर्मचारियों ने संभाली जिम्मेदारी
हड़ताल के बाद एक साथ बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने से निगम के सामने बिजली व्यवस्था को सामान्य करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में कर्मचारियों ने अवकाश रद कर मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी। फील्ड टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर तकनीकी खराबियों को दूर किया ताकि लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
दो दिन की हड़ताल के दौरान मिली 2,140 शिकायतें
निजीकरण के विरोध में जिले के सभी बिजली कर्मचारी 21 अक्तूबर रात 10 बजते ही काम छोड़ हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद निगम के कर्मचारियों ने दो दिन हड़ताल पर रहने के बाद 23 अक्तूबर रात पौने आठ बजे हड़ताल खुलने की खबर के साथ ही कर्मचारियों ने बंद पड़ी बिजली आपूर्ति को बहाल करना शुरू कर दिया। इस दौरान बिजली निगम शिकायत केंद्र पर 2042 ऑफलाइन तो 980 ऑनलाइन शिकायतों का अंबार लगा हुआ था।
वर्सन
बिजली निगम के कर्मचारियों ने अपने निजी कार्य छोड़ अवकाश रद कर दिए। इस दौरान एचकेआरएन और स्थायी कर्मचारी संबंधित शिकायतों पर पहुंचे और शनिवार ढाई बजे तक समाधान कर दिया गया है। फिलहाल केंद्र में हड़ताल से संबंधित कोई भी शिकायत वंचित नहीं है।-- आशीष सोढ़ी, एसडीओ बिजली निगम
विज्ञापन
इनमें 90 शिकायतें ऑफलाइन और 600 ऑनलाइन माध्यम से मिलीं। शिकायतों का जल्द निपटारा करने के लिए निगम के कर्मचारियों ने अपने अवकाश रद कर फील्ड में मोर्चा संभाला। शनिवार दोपहर ढाई बजे तक सभी शिकायतों का समाधान कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। हड़ताल खत्म होते ही बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कर्मचारियों ने प्राथमिकता के आधार पर खराबियों को दूर करने का काम शुरू किया। निगम के 208 एचकेआरएन और 102 स्थायी कर्मचारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों में आई तकनीकी खामियों को ठीक किया।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने लगातार काम करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया। फील्ड में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता महेश कुमार ने बताया कि शिकायतों में सबसे अधिक मामले ट्रांसफार्मर में अर्थिंग की समस्या, केबल जलने और जंफर में खराबी आने से संबंधित थे। इन तकनीकी खामियों के कारण विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर खराब उपकरणों की जांच की और आवश्यक मरम्मत के बाद आपूर्ति बहाल की।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के निपटारे का काम हड़ताल समाप्त होते ही तेज कर दिया गया था। अधिकतर शिकायतों का समाधान शुक्रवार को ही कर दिया गया था जबकि शेष शिकायतों को शनिवार दोपहर तक दूर कर लिया गया। इससे बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे उपभोक्ताओं को राहत मिली।
अवकाश रद कर कर्मचारियों ने संभाली जिम्मेदारी
हड़ताल के बाद एक साथ बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने से निगम के सामने बिजली व्यवस्था को सामान्य करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में कर्मचारियों ने अवकाश रद कर मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी। फील्ड टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर तकनीकी खराबियों को दूर किया ताकि लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
दो दिन की हड़ताल के दौरान मिली 2,140 शिकायतें
निजीकरण के विरोध में जिले के सभी बिजली कर्मचारी 21 अक्तूबर रात 10 बजते ही काम छोड़ हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद निगम के कर्मचारियों ने दो दिन हड़ताल पर रहने के बाद 23 अक्तूबर रात पौने आठ बजे हड़ताल खुलने की खबर के साथ ही कर्मचारियों ने बंद पड़ी बिजली आपूर्ति को बहाल करना शुरू कर दिया। इस दौरान बिजली निगम शिकायत केंद्र पर 2042 ऑफलाइन तो 980 ऑनलाइन शिकायतों का अंबार लगा हुआ था।
वर्सन
बिजली निगम के कर्मचारियों ने अपने निजी कार्य छोड़ अवकाश रद कर दिए। इस दौरान एचकेआरएन और स्थायी कर्मचारी संबंधित शिकायतों पर पहुंचे और शनिवार ढाई बजे तक समाधान कर दिया गया है। फिलहाल केंद्र में हड़ताल से संबंधित कोई भी शिकायत वंचित नहीं है।