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Fatehabad News: घर-घर पहुंच रहा दहेज मुक्त समाज का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 09 Apr 2026 11:55 PM IST
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दहेज निषेध अधिनियम के संबंध में जागरूकता अभियान के तहत महिलाओं को जागरूक करती आंगनबाड़ी वर्कर।
- फोटो : स्कूलों में निरीक्षण करते संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी।
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फतेहाबाद। दहेज प्रथा जैसी कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अभियान के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को कानून के प्रति सजग किया जा रहा है।
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को दहेज न लेने और न देने की शपथ भी दिलाई जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज की मानसिकता में बदलाव लाना है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएं और एक सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग दें।
जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में कार्यकर्ता महिलाओं, किशोरियों और आम नागरिकों को दहेज के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। अभियान के दौरान संदेश दिया जा रहा है कि दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं। इस अपराध में शामिल होने वालों के लिए अधिनियम के तहत सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
प्रदेश सरकार ने इस अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिले के सभी उपमंडल अधिकारियों को दहेज निषेध अधिकारी नियुक्त किया है। अभियान की सफलता के लिए एक संयुक्त टीम कार्य कर रही है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग के अधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल हैं। लीगल टीम की ओर से लोगों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
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जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को दहेज न लेने और न देने की शपथ भी दिलाई जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज की मानसिकता में बदलाव लाना है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएं और एक सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग दें।
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जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में कार्यकर्ता महिलाओं, किशोरियों और आम नागरिकों को दहेज के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। अभियान के दौरान संदेश दिया जा रहा है कि दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं। इस अपराध में शामिल होने वालों के लिए अधिनियम के तहत सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
प्रदेश सरकार ने इस अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिले के सभी उपमंडल अधिकारियों को दहेज निषेध अधिकारी नियुक्त किया है। अभियान की सफलता के लिए एक संयुक्त टीम कार्य कर रही है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग के अधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल हैं। लीगल टीम की ओर से लोगों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।