{"_id":"6ab0190a7eec13753a002e9a","slug":"two-to-three-people-falling-victim-daily-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-161480-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: पाकिस्तान से आ रहे साइबर ठगी के लिंक, रोजाना दो से तीन लोग बन रहे शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: पाकिस्तान से आ रहे साइबर ठगी के लिंक, रोजाना दो से तीन लोग बन रहे शिकार
Sun, 20 Sep 2026 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:04 PM IST
विज्ञापन
निकिता खट्टर, एसपी
फतेहाबाद। जिले में साइबर ठगी का जाल लगातार फैल रहा है। इस साल अब तक साइबर अपराध से जुड़ी 69 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं और रोजाना औसतन दो से तीन लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे लोग लालच में फंस रहे हैं।
जिला पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के साथ सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को निशाना बनाकर संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिशों के बारे में भी अलर्ट जारी किया है। पुलिस के अनुसार पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध तत्व विदेशी नंबरों, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन जॉब, हनीट्रैप और इनाम का लालच देकर युवाओं को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर सकते हैं।
पुलिस की एडवाइजरी में बताया गया है कि +92 जैसे विदेशी नंबरों से कॉल या व्हाट्सएप संदेश कर केबीसी, लॉटरी, कार या भारी नकद इनाम जीतने का झांसा दिया जा सकता है। युवाओं को वर्क फ्रॉम होम, डेटा एंट्री और टेलीग्राम टास्क के नाम पर भी फंसाया जा सकता है।
विज्ञापन
पुलिस ने चेताया है कि संदिग्ध लोग फोटो, वीडियो, लोकेशन या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए दबाव बना सकते हैं। फर्जी लोन और बेटिंग एप भी आर्थिक जाल में फंसाने का जरिया बन सकते हैं।
-
लोगों से अपील है कि अंजान विदेशी नंबरों और संदिग्ध लिंक को ब्लॉक कर दें। किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का तरीका है।
- निकिता खट्टर, एसपी
विज्ञापन
जिला पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के साथ सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को निशाना बनाकर संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिशों के बारे में भी अलर्ट जारी किया है। पुलिस के अनुसार पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध तत्व विदेशी नंबरों, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन जॉब, हनीट्रैप और इनाम का लालच देकर युवाओं को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर सकते हैं।
विज्ञापन
पुलिस की एडवाइजरी में बताया गया है कि +92 जैसे विदेशी नंबरों से कॉल या व्हाट्सएप संदेश कर केबीसी, लॉटरी, कार या भारी नकद इनाम जीतने का झांसा दिया जा सकता है। युवाओं को वर्क फ्रॉम होम, डेटा एंट्री और टेलीग्राम टास्क के नाम पर भी फंसाया जा सकता है।
विज्ञापन
पुलिस ने चेताया है कि संदिग्ध लोग फोटो, वीडियो, लोकेशन या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए दबाव बना सकते हैं। फर्जी लोन और बेटिंग एप भी आर्थिक जाल में फंसाने का जरिया बन सकते हैं।
-
लोगों से अपील है कि अंजान विदेशी नंबरों और संदिग्ध लिंक को ब्लॉक कर दें। किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का तरीका है।
- निकिता खट्टर, एसपी