फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Another life claimed by the 'speed breaker' of negligence

Hisar News: लापरवाही का ब्रेकर निगल गया एक और जिंदगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
Another life claimed by the 'speed breaker' of negligence
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

हिसार। शहर में बिना संकेतक और सफेद पट्टी वाले स्पीड ब्रेकर जानलेवा साबित हो रहे हैं। सेक्टर 16-17 में सिविल लाइन थाना रोड पर स्पीड ब्रेकर के कारण बाइक अनियंत्रित होने से घायल हुए आजाद नगर निवासी 21 वर्षीय रोहित की शनिवार दोपहर निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस प्रवक्ता मदन लाल ने बताया कि युवक के पिता के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन

जगमेंद्र ने बताया कि उसके जीजा सुखबीर पीडब्ल्यूडी में बेलदार हैं। उनका घर गोविंद नगर में है लेकिन वे पिछले कुछ वर्षों से आजाद नगर में रह रहे हैं। उनका 21 वर्षीय बेटा रोहित 16 अक्तूबर की रात करीब 10 बजे आजाद नगर से डाबड़ा चौक की ओर जा रहा था। सेक्टर 16-17 में सिविल लाइन थाना रोड पर बने स्पीड ब्रेकर के कारण उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। एक राहगीर उसे जिंदल अस्पताल ले गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रोहित काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया। फोन किसी पुलिसकर्मी ने उठाया और बताया कि रोहित अस्पताल में भर्ती है। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। रोहित के सिर में चोट लगी थी। 17 अक्तूबर को दोपहर करीब दो बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्पीड ब्रेकर पर नहीं था कोई संकेतक
परिजनों के अनुसार जिस स्पीड ब्रेकर के कारण हादसा हुआ उस पर न सफेद पट्टी बनी थी और न ही कोई अन्य संकेतक लगा था। इससे वाहन चालक को ब्रेकर का पता नहीं चल पाता। परिजनों ने हादसे के लिए सरकारी विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
कॉलेज में पढ़ता था रोहित
जगमेंद्र ने बताया कि रोहित कॉलेज में पढ़ता था। उसका एक छोटा भाई और एक छोटी बहन है। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है। रोहित की मां रामरति की तबीयत भी बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
शहर में जगह-जगह बने हैं मौत के स्पीड ब्रेकर
शहर में कई जगह बने स्पीड ब्रेकर पर न सफेद पट्टियां हैं और न ही चेतावनी संकेतक। इससे वाहन चालकों को खासकर रात के समय ब्रेकर दिखाई नहीं देते और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
------------
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। सोमवार को इस बारे में अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। अगर कहीं कोई कमी है तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा।
- प्रवीण पोपली, मेयर।
------------
स्पीड ब्रेकर के कारण हुए हादसे
8 अगस्त 2025: आर्य नगर निवासी 19 वर्षीय उमेद की स्पीड ब्रेकर के कारण हुए हादसे में मौत हो गई थी। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।
18 अप्रैल 2026: सेक्टर 9-11 मोड़ पर स्पीड ब्रेकर के कारण बाइक अनियंत्रित होने से डिलीवरी कंपनी के कर्मचारी औमप्रकाश की मौत हो गई थी। वह सड़क पर गिर गया था और सिर में चोट लगने से उसकी जान चली गई।

जुलाई 2026: सेक्टर 1-4 चौकी के पास बने ब्रेकर पर अचानक उछलने से मजदूरों से भरा ऑटो पलट गया था। हादसे में करीब 47 वर्षीय महिला लक्ष्मी की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे।
भारतीय सड़क कांग्रेस के निर्धारित मानक
मानक स्पीड ब्रेकर की अधिकतम ऊंचाई चार इंच (लगभग 10 सेंटीमीटर) होनी चाहिए।
ब्रेकर की लंबाई 3.5 मीटर और दोनों ओर दो-दो मीटर का ढलान होना आवश्यक है ताकि वाहन बिना बड़े झटके के निकल सकें।
स्पीड ब्रेकर पर काली और सफेद पट्टियां पेंट होनी चाहिए। रात और कोहरे में बेहतर दृश्यता के लिए रेडियम का इस्तेमाल होना चाहिए।
स्पीड ब्रेकर से कुछ दूरी पहले सड़क पर चेतावनी बोर्ड या संकेतक लगा होना चाहिए, ताकि वाहन चालकों को आगे गति अवरोधक होने की जानकारी मिल सके।
आदर्श स्पीड ब्रेकर पर वाहनों की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की जाती है।

☰

Template
Image Attachment
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed