फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Young children shaping their future while sitting on the ground.

Hisar News: जमीन पर बैठकर भविष्य गढ़ रहे नौनिहाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:51 AM IST
विज्ञापन
Young children shaping their future while sitting on the ground.
अनाज मंडी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बरामदे में बैठकर पढ़ाई करते बच्चे।
हिसार। बेंच की कमी के चलते अनाज मंडी स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के कई नौनिहालों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल का अपना भवन नहीं होने के कारण मंदिर के बेसमेंट में कक्षाएं लगती हैं।
विज्ञापन

यहां 141 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं जबकि कक्षाओं के संचालन के लिए केवल तीन कमरे उपलब्ध हैं। जगह और बेंच विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कम होने के कारण कई बच्चों को कक्षा के बाहर बरामदे में भी बैठना पड़ता है।
विज्ञापन

स्कूल में पांच शिक्षक कार्यरत हैं। विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध कमरों के बीच तालमेल बैठाना स्कूल प्रबंधन के लिए चुनौती बना हुआ है। कक्षाओं में उपलब्ध जगह के अनुसार बेंच लगाए जाते हैं लेकिन सभी विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं होने से कुछ बच्चों को बाहर बैठना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जगह की कमी का असर केवल बैठने की व्यवस्था तक सीमित नहीं है। बरामदे में पढ़ने वाले बच्चों को मौसम की मार भी झेलनी पड़ती है। गर्मी में फर्श तपने और बारिश के दौरान पानी भरने से परेशानी होती है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन को उपलब्ध जगह के अनुसार रोजाना कक्षा संचालन की व्यवस्था करनी पड़ती है।
उपलब्ध फर्नीचर को जरूरत के अनुसार लगाया जाता है
शिक्षा विभाग के अधिकारी के अनुसार स्कूल में उपलब्ध बेंच को विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार अलग-अलग कक्षाओं में लगाने का प्रयास किया जाता है। जहां फर्नीचर कम पड़ता है वहां बच्चों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाया जाता है। तीन कमरों में से केवल दो में ही बेंच उपलब्ध हैं। अतिरिक्त फर्नीचर की जरूरत को लेकर स्कूल की ओर से मांग भेजी जा चुकी है। अब स्वीकृति और फर्नीचर उपलब्ध होने का इंतजार है।
छोटे बच्चों के लिए पढ़ाई के दौरान आराम से बैठने की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। जमीन पर बैठकर पढ़ने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई के बजाय असुविधा पर रहता है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पर्याप्त बेंच उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

- जसवंत, अभिभावक।
बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल आते हैं, लेकिन बैठने की उचित व्यवस्था नहीं होने से उन्हें जमीन पर बैठना पड़ता है। सरकार को स्कूल की जरूरत के अनुसार फर्नीचर उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि किसी बच्चे को कक्षा के बाहर बैठकर पढ़ाई न करनी पड़े।


- मुकेश, अभिभावक।
--------
स्कूल में बैठने की व्यवस्था से जुड़ी समस्या का संज्ञान लिया गया है। विद्यार्थियों की संख्या और आवश्यकता के अनुसार जल्द ही बेंच उपलब्ध करवाए जाएंगे। स्कूल में बैठने की व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करवाया जाएगा।
- राम रतन, डीईओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed