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Jhajjar-Bahadurgarh News: यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की मुहिम तेज
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:46 AM IST
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फोटो-56: बहादुरगढ़ में प्रदूषण फैलाने के आरोप में पकड़ी गई प्लास्टिक वेस्ट पिंघलाने वाली फैक्टरी।
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बहादुरगढ़। यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने पांच औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये सभी इकाइयां जल और वायु प्रदूषण फैला रही थीं। बिना अनुमति के संचालित हो रही थीं।
तीन फैक्टरियां गांव परनाला में और दो गणपति धाम क्षेत्र में संचालित पाई गईं। जांच के दौरान सामने आया कि इन इकाइयों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली थी। साथ ही, इनके पास पर्यावरण मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं भी नहीं थीं।
इन पांच फैक्टरियों में से दो इकाइयां जल प्रदूषण फैला रही थीं जबकि तीन इकाइयों से बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण हो रहा था। इनमें एक डाइंग यूनिट, एक रबर फैक्टरी, एक प्लास्टिक वेस्ट पिंघलाने की यूनिट, एक फर्नीचर निर्माण इकाई और एक फुटवियर फैक्टरी शामिल है। इनसे निकलने वाले अपशिष्ट और धुएं का सीधा असर पर्यावरण और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अब इन सभी इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। यदि संचालक नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो इन फैक्टरियों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) आशीष कौशिक ने बताया कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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तीन फैक्टरियां गांव परनाला में और दो गणपति धाम क्षेत्र में संचालित पाई गईं। जांच के दौरान सामने आया कि इन इकाइयों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली थी। साथ ही, इनके पास पर्यावरण मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं भी नहीं थीं।
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इन पांच फैक्टरियों में से दो इकाइयां जल प्रदूषण फैला रही थीं जबकि तीन इकाइयों से बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण हो रहा था। इनमें एक डाइंग यूनिट, एक रबर फैक्टरी, एक प्लास्टिक वेस्ट पिंघलाने की यूनिट, एक फर्नीचर निर्माण इकाई और एक फुटवियर फैक्टरी शामिल है। इनसे निकलने वाले अपशिष्ट और धुएं का सीधा असर पर्यावरण और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अब इन सभी इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। यदि संचालक नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो इन फैक्टरियों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) आशीष कौशिक ने बताया कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

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