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Jhajjar-Bahadurgarh News: 30 दिन में लाइसेंस का दावा, छह माह बाद भी नहीं मंजूरी

संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 18 Jun 2026 07:04 PM IST
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Claim of license issuance within 30 days; no approval even after six months.
फोटो-53: बहादुरगढ़ में हुई बैठक में बीआईएस को लेकर उद्यमियों के साथ अपनी बात रखते बीआईएस के निदे
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संवाद न्यूज एजेंसी

बहादुरगढ़। फुटवियर उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने वीरवार को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) को लेकर समस्याएं रखीं। बैठक के दौरान लाइसेंस जारी करने में देरी, स्टॉप मार्किंग, पोर्टल की खामियां, खुदरा विक्रेताओं की जानकारी देने में आ रही दिक्कतें और लंबित मामलों के समाधान में हो रही देरी प्रमुख मुद्दे रहे।
बीआईएस के स्थानीय निदेशक एमके प्रामाणिक ने उद्यमियों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। बताया कि बीआईएस जल्द ही नया पोर्टल लांच करने जा रहा है। ऐसे में कई समस्याएं अपने आप दूर हो जाएंगी। फुटवियर कलस्टर में हुई बैठक में एक्वालाइट कंपनी के प्रतिनिधि सुधीर चौधरी ने बताया कि उन्होंने कई माह पहले एक शूज का बीआईएस लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।
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नियमों के अनुसार लाइसेंस जारी होने की समय सीमा 30 दिन निर्धारित है लेकिन छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनका लाइसेंस पोर्टल पर जारी नहीं हुआ है। इस पर बीआईएस अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दिया।
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उद्यमियों ने कहा कि पोर्टल पर शिकायतें और समस्याएं दर्ज कराने के बावजूद उनके निस्तारण की स्थिति दिखाई नहीं देती। इससे उद्योगों को यह पता नहीं चल पाता कि उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही नया पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसमें ट्रैकिंग और शिकायत निवारण की बेहतर व्यवस्था होगी।
बैठक में स्टॉप मार्किंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। एक उद्यमी ने बताया कि वर्ष 2024 में तैयार किए गए एक जूते का नमूना 2025 में परीक्षण के लिए भेजा गया था। इस दौरान उसका स्टॉक बाजार में भी पहुंच गया। बाद में टेस्ट रिपोर्ट फेल आने पर उत्पाद में सुधार कर दोबारा परीक्षण कराया गया और वह पास हो गया लेकिन पोर्टल पर मामला अब भी लंबित है।
इसके चलते उन्हें स्टॉप मार्किंग का सामना करना पड़ा। बीआईएस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब पहले नोटिस जारी किया जाएगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ही स्टॉप मार्किंग की कार्रवाई होगी। रिलेक्सो कंपनी के कर्मचारी सुधीर ने कहा कि कंपनी सीधे खुदरा विक्रेताओं से कारोबार नहीं करती। फैक्टरी से माल वेयरहाउस और फिर डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाता है। ऐसे में बीआईएस लाइसेंस के लिए खुदरा विक्रेताओं की सूची देना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है।
उन्होंने पूछा कि ऐसी स्थिति में डिस्ट्रीब्यूटर की जानकारी दी जाए या खुदरा व्यापारियों की। अधिकारियों ने इस विषय पर जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही। बैठक में उद्यमियों ने यह भी सुझाव दिया कि बीआईएस लैब की टेस्ट रिपोर्ट में फुटवियर का फोटो शामिल किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बीआईएस मार्का उत्पाद की पहचान करने में आसानी हो। साथ ही उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्रक्रिया में न्यूनतम मार्किंग फीस का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है और इस व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए। बैठक में सौरभ गुप्ता, चरणजीत, लक्ष्य, कंवलजीत, रविंदर, सुधीर, सुधीर चौधरी सहित बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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