{"_id":"6ab655b82fc00ea9f00d0806","slug":"entrepreneurs-briefed-on-compliance-with-pollution-control-regulations-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1005-127548-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुपालन पर उद्यमियों को दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुपालन पर उद्यमियों को दी जानकारी
Fri, 25 Sep 2026 04:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 25 Sep 2026 04:36 PM IST
विज्ञापन
फोटो-52: बैठक में भाग लेते बोर्ड के अधिकारी और उद्यमी। स्रोत कोबी
बहादुरगढ़। उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुपालन और उससे जुड़ी समस्याओं को लेकर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) कार्यालय में जागरूकता सत्र आयोजित किया। इसमें उद्यमियों ने प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की पर्याप्तता, रखरखाव, निगरानी और आवश्यक दस्तावेज जमा कराने से जुड़े सवाल पूछे। अधिकारियों ने नियमों की जानकारी देने के साथ अनुपालन में सहयोग और मार्गदर्शन का भरोसा दिलाया।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुनील शेरॉन और फील्ड अधिकारी मनोज ने बताया कि सीएक्यूएम के निर्देश संख्या 98 के तहत मेटल, टेक्सटाइल और खाद्य पदार्थ श्रेणी के उद्योगों को एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस की पर्याप्तता से संबंधित विवरण 30 सितंबर तक जमा करना है। बंद औद्योगिक इकाइयों को केवल संरचनात्मक पर्याप्तता की रिपोर्ट देनी होगी, जबकि कार्यात्मक पर्याप्तता रिपोर्ट आवश्यक नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की क्षमता ऐसी होनी चाहिए कि पार्टिकुलेट मैटर का उत्सर्जन 50 मिलीग्राम प्रति सामान्य घन मीटर या उससे कम रहे। बॉयलर और मेटल फर्नेस के लिए बैग फिल्टर या बैग हाउस तथा कपोला, पिट और तेल आधारित हीटिंग फर्नेस के लिए वेट स्क्रबर जैसे उपाय अपनाने की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
डॉ. शेरॉन ने बताया कि उद्योगों की सहायता के लिए बहादुरगढ़ स्थित एचएसपीसीबी जिला कार्यालय में हेल्पडेस्क बनाया गया है, जहां कनिष्ठ अभियंता या उससे वरिष्ठ अधिकारी अनुपालन संबंधी मार्गदर्शन देंगे।
विज्ञापन
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुनील शेरॉन और फील्ड अधिकारी मनोज ने बताया कि सीएक्यूएम के निर्देश संख्या 98 के तहत मेटल, टेक्सटाइल और खाद्य पदार्थ श्रेणी के उद्योगों को एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस की पर्याप्तता से संबंधित विवरण 30 सितंबर तक जमा करना है। बंद औद्योगिक इकाइयों को केवल संरचनात्मक पर्याप्तता की रिपोर्ट देनी होगी, जबकि कार्यात्मक पर्याप्तता रिपोर्ट आवश्यक नहीं है।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की क्षमता ऐसी होनी चाहिए कि पार्टिकुलेट मैटर का उत्सर्जन 50 मिलीग्राम प्रति सामान्य घन मीटर या उससे कम रहे। बॉयलर और मेटल फर्नेस के लिए बैग फिल्टर या बैग हाउस तथा कपोला, पिट और तेल आधारित हीटिंग फर्नेस के लिए वेट स्क्रबर जैसे उपाय अपनाने की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
डॉ. शेरॉन ने बताया कि उद्योगों की सहायता के लिए बहादुरगढ़ स्थित एचएसपीसीबी जिला कार्यालय में हेल्पडेस्क बनाया गया है, जहां कनिष्ठ अभियंता या उससे वरिष्ठ अधिकारी अनुपालन संबंधी मार्गदर्शन देंगे।