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Jhajjar-Bahadurgarh News: सूक्ष्म क्रियाओं व योगासनों के नियमित अभ्यास से लाभान्वित हो रहे सांखोलवासी
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 18 Jun 2026 06:03 AM IST
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-फोटो 83 : सांखोल के स्टेडियम में योगाभ्यास करते बच्चे। स्रोत कॉलेज
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बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय की ओर से चलाए जा रहे योग पखवाड़ा कार्यक्रम से सांखोलवासियों में सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संचार हो रहा है। युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों की सहभागिता निरंतर बढ़ रही है।
महाविद्यालय की शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता एवं आउटरीच प्रभारी सुनीता रानी द्वारा प्रतिदिन प्रतिभागियों को विभिन्न सूक्ष्म व्यायामों, ताली योग, हास्य योग तथा योगासनों का अभ्यास करवाया जा रहा है। साथ ही छोटे बच्चों के लिए छात्र जीवन में एकाग्रता, स्मरण शक्ति एवं अध्ययन में फोकस बढ़ाने वाली ध्यानात्मक क्रियाओं का विशेष अभ्यास कराया जा रहा है।
वहीं महिलाओं के लिए सर्वाइकल, थायरॉइड, मधुमेह (शुगर), नजला, सिरदर्द तथा अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी योग क्रियाओं एवं प्राणायाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सकारात्मक लाभ प्राप्त हो रहा है।
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इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, कटिचक्रासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, वज्रासन, मंडूकासन, शशांकासन एवं अर्धमत्स्येन्द्रासन, सर्वांगासन, गोमुखासन, जानुशीर्षासन आदि योगासनों का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त अनुलोम-विलोम, भ्रामरी एवं कपालभाति भी कराए गए।
प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने ग्रामवासियों से योग पखवाड़े के शेष दिनों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
महाविद्यालय की वॉलिंटियर्स नेहा, आभा, तनु, दिव्या, पूजा, अंजूषा, सुषमा, प्रीति, मधु, कोमल, अंजू, प्रिया दलाई, तनु का इसमें योगदान रहा। इसका आयोजन महाविद्यालय की आउटरीच, एनएसएस एवं वाईआरसी इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
महाविद्यालय की शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता एवं आउटरीच प्रभारी सुनीता रानी द्वारा प्रतिदिन प्रतिभागियों को विभिन्न सूक्ष्म व्यायामों, ताली योग, हास्य योग तथा योगासनों का अभ्यास करवाया जा रहा है। साथ ही छोटे बच्चों के लिए छात्र जीवन में एकाग्रता, स्मरण शक्ति एवं अध्ययन में फोकस बढ़ाने वाली ध्यानात्मक क्रियाओं का विशेष अभ्यास कराया जा रहा है।
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वहीं महिलाओं के लिए सर्वाइकल, थायरॉइड, मधुमेह (शुगर), नजला, सिरदर्द तथा अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी योग क्रियाओं एवं प्राणायाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सकारात्मक लाभ प्राप्त हो रहा है।
इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, कटिचक्रासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, वज्रासन, मंडूकासन, शशांकासन एवं अर्धमत्स्येन्द्रासन, सर्वांगासन, गोमुखासन, जानुशीर्षासन आदि योगासनों का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त अनुलोम-विलोम, भ्रामरी एवं कपालभाति भी कराए गए।
प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने ग्रामवासियों से योग पखवाड़े के शेष दिनों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
महाविद्यालय की वॉलिंटियर्स नेहा, आभा, तनु, दिव्या, पूजा, अंजूषा, सुषमा, प्रीति, मधु, कोमल, अंजू, प्रिया दलाई, तनु का इसमें योगदान रहा। इसका आयोजन महाविद्यालय की आउटरीच, एनएसएस एवं वाईआरसी इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।