{"_id":"69f4edf62ec5ab251d051cb4","slug":"sanitation-workers-went-on-strike-city-sanitation-services-came-to-a-standstill-bahadurgarh-news-c-195-1-jjr1001-134597-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: सफाई कर्मचारियों ने की हड़ताल, शहर में सफाई व्यवस्था ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: सफाई कर्मचारियों ने की हड़ताल, शहर में सफाई व्यवस्था ठप
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 01 May 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
01jjrp10-बेरी में हड़ताल में शामिल सफाई कर्मचारी। संवाद
विज्ञापन
झज्जर/बेरी। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर और नगर पालिका बेरी के सफाई कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। झज्जर में अध्यक्षता इकाई प्रधान शिव चावरिया जबकि बेरी में इकाई प्रधान प्रदीप सिंह ने की। मंच संचालन सचिव धर्मबीर ने किया।
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रधान का कहना है कि जब तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता और फायर विभाग के शहीद कर्मचारियों के परिवारों को न्याय नही मिलता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 और 31 दिसंबर 2025 को जो सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के आए कई साल हो गए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करें, ठेका प्रथा बंद करे, पुरानी पेंशन बहाल व अन्य सभी मांगों को जल्द पूरा किया जाए। कर्मचारियों ने मांग की है कि शहीद फायर कर्मियों के आश्रितों को पक्की सरकारी नौकरी दी जाए और प्रत्येक परिवार को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
27 अप्रैल को झज्जर में भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो जाने पर यूनियन ने मांग की है कि परिवार को 50 लाख मुआवजे की राशि व सरकारी नौकरी दी जाए। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई और अनेक जगह गंदगी के ढेर पडे़ रहे। हड़ताल में अशोक, मनोज, रविंद्र, रीना, दर्शना, संतोष आदि कर्मचारी शामिल रहे।
Trending Videos
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रधान का कहना है कि जब तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता और फायर विभाग के शहीद कर्मचारियों के परिवारों को न्याय नही मिलता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 और 31 दिसंबर 2025 को जो सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के आए कई साल हो गए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करें, ठेका प्रथा बंद करे, पुरानी पेंशन बहाल व अन्य सभी मांगों को जल्द पूरा किया जाए। कर्मचारियों ने मांग की है कि शहीद फायर कर्मियों के आश्रितों को पक्की सरकारी नौकरी दी जाए और प्रत्येक परिवार को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
27 अप्रैल को झज्जर में भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो जाने पर यूनियन ने मांग की है कि परिवार को 50 लाख मुआवजे की राशि व सरकारी नौकरी दी जाए। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई और अनेक जगह गंदगी के ढेर पडे़ रहे। हड़ताल में अशोक, मनोज, रविंद्र, रीना, दर्शना, संतोष आदि कर्मचारी शामिल रहे।
