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Karnal News: कूलर फैक्टरी में पकड़ा नापतोल विभाग का फर्जी निरीक्षक

संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Thu, 30 Apr 2026 01:19 AM IST
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Fake inspector of weights and measures department caught in cooler factory
आरोपी की ओर से बनाई गई नकली मोहर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। काछवा रोड स्थित सुप्रीम कूलर फैक्टरी में नापतोल विभाग का फर्जी निरीक्षक सांभली निवासी पवन पकड़ा गया। फैक्टरी में कांटे की जरूरत ही नहीं होती, फिर भी उसने संचालक साहिल गांधी से कांटे की जांच कराने के लिए कहा। चालान बुक दिखाकर कार्रवाई की धमकी दी। बहस के दाैरान आरोपी ने मोबाइल फोन में लाइसेंस दिखाया तो शक हुआ। लाइसेंस कांटा रिपेयरिंग का था। सीआईए-3 पुलिस मामले की जांच कर रही है। चालान बुक से सामने आया है कि आरोपी करीब एक साल से फर्जीवाड़ा कर रहा था।

संचालक साहिल गांधी ने बताया कि मंगलवार शाम को पवन नाम से व्यक्ति फैक्टरी में पहुंचा। उसने खुद को नापतोल विभाग का निरीक्षक बताया और कांटों की जांच कराने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि उनका काम केवल कूलर बनाने का है। उन्हें कांटे की जरूरत नहीं पड़ती। इस पर आरोपी बहस करने लगा। बोला कि लोहे का सामान आता है तो उसकी तुलाई कैसे की जाती है। चालान बुक दिखाते हुए कार्रवाई की धमकी दी।
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इस दौरान उन्हें शक हो गया। सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने उन्हें मोबाइल फोन में लाइसेंस दिखाया, जोकि कांटा रिपेयर करने का था। इससे उनका शक गहरा गया। फर्जीवाड़े का अंदेशा होने पर उन्होंने गुपचुप तरीके से पुलिस को सूचना दे दी।

पुलिस के आने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके पास कांटे रिपेयर करने का लाइसेंस है। चालान काटने का अधिकार नहीं है। दावा किया कि उसने केवल नोटिस दिया था। उसकी खुद की कांटे रिपेयर की फर्म शिवा नाम से है। वह कांटों की पासिंग के लिए शुल्क लेता है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
सीआईए तीन के प्रभारी अजय ने बताया कि आरोपी से मिले कागजात की जांच की जा रही है। जांच और शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके करवाई की जाएगी।

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आरोपी के पास थी फर्जी चालान बुक
फैक्टरी संचालक साहिल ने बताया कि धमकी देते हुए आरोपी ने एक फर्जी चालान बुक निकालकर उनका चालान काटने का नाटक भी किया था। बुक चेक करने पर सामने आया कि आरोपी वर्ष 2025 की शुरुआत से उस बुक से फर्चाजी लान काटता रहा है। खाली पन्नों पर लीगल मैट्रोलॉजी निरीक्षक के हस्ताक्षर और मोहर लगी हुई थी।



पहले बताया था चालान के लिए अधिकृत

- फैक्टरी मालिक ने चालान काटने के अधिकार के बारे में पूछा तो आरोपी ने मोबाइल में लाइसेंस की फोटो दिखाकर खुद को अधिकृत बताया। वास्तव में उसके पास केवल वजन वाले कांटे रिपेयर करने का लाइसेंस था। यह लाइसेंस लीगल मैट्रोलॉजी विभाग की ओर से जारी किया गया है। ये निरीक्षण करने या चालान काटने का अधिकार नहीं होता।
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कई दुकानदारों से ऐंठे थे रुपये
जैसे ही आरोपी के फर्जीवाड़े के पोल खुली तो कूलर फैक्टरी संचालक साहिल ने उसकी फर्जी चालान बुक में नाम देखकर अन्य लोगों को भी बुला लिया। पता लगा कि आरोपी ने एक अन्य दुकानदार से भी 5400 रुपये वसूले थे। दुकानदार मौके पर पहुंचा हो आरोपी ने यह राशि लौटा दी। आरोपी ने यह राशि लेने की बात भी कबूल की।
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