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Karnal News: पशुपालक बोले- खर्च बढ़ा और कमाई घटी इसलिए बढ़ाए दाम
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करनाल/इंद्री। घर-घर दूध पहुंचाने वाले पशुपालकों ने दूध के दाम बढ़ाने के पीछे पशुपालन की बढ़ती लागत को वजह बताया है। पशुपालकों का कहना है कि एक दुधारू पशु को पालना अब पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। पशु को चारा खिलाने से लेकर फीड देने, मजदूरी, इलाज और गर्भधारण तक लगातार खर्च करना पड़ता है।
कई बार पशु बीमार पड़ जाए तो हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च हो जाता है। इसके बावजूद लंबे समय से दूध की पुराने दाम पर ही बिक्री की जा रही थी, जिससे पशुपालकों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था। अब पशुपालकों ने भैंस के दूध का भाव 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये और गाय के दूध का भाव 35-40 रुपये से बढ़ाकर करीब 60 रुपये प्रति लीटर तय किया है।
पशु पालना ही चुनौती : पशुपालक राजेश ने बताया कि एक पशु को तैयार करने में महीनों की मेहनत लगती है। पशुपालक रविंद्र का कहना है कि रोजाना के खर्च के अलावा बीमारी का खर्च अलग है। पशुपालक सुरेश ने बताया कि एक पशु अगर बीमार हो जाए तो सिर्फ दवा का खर्च देखकर ही परेशानी बढ़ जाती है। ब्यूरो/संवाद
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कई बार पशु बीमार पड़ जाए तो हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च हो जाता है। इसके बावजूद लंबे समय से दूध की पुराने दाम पर ही बिक्री की जा रही थी, जिससे पशुपालकों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था। अब पशुपालकों ने भैंस के दूध का भाव 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये और गाय के दूध का भाव 35-40 रुपये से बढ़ाकर करीब 60 रुपये प्रति लीटर तय किया है।
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पशु पालना ही चुनौती : पशुपालक राजेश ने बताया कि एक पशु को तैयार करने में महीनों की मेहनत लगती है। पशुपालक रविंद्र का कहना है कि रोजाना के खर्च के अलावा बीमारी का खर्च अलग है। पशुपालक सुरेश ने बताया कि एक पशु अगर बीमार हो जाए तो सिर्फ दवा का खर्च देखकर ही परेशानी बढ़ जाती है। ब्यूरो/संवाद
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