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माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री से बदला रूट कैनाल उपचार का तरीका, प्राकृतिक दांतों को बचाने में मिल रही बड़ी मदद
Wed, 15 Jul 2026 08:29 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला नेटवर्क, कुरुक्षेत्र
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 15 Jul 2026 08:29 PM IST
सार
डॉ. रेनु चौधरी के अनुसार, यह आधुनिक तकनीक केवल रूट कैनाल उपचार तक सीमित नहीं है। आज इसका उपयोग रिस्टोरेटिव डेंटिस्ट्री, कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री, स्माइल मेकओवर और डेंटल माइक्रोसर्जरी सहित कई उपचारों में किया जा रहा है। इससे उपचार की सटीकता बढ़ती है और स्वस्थ दांतों की अनावश्यक घिसाई से भी बचा जा सकता है।
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डॉ. रेनु चौधरी
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों ने उपचार की गुणवत्ता को नई दिशा दी है। अब माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री की मदद से दांतों की बेहद छोटी दरारें, छिपी हुई कैविटी, जटिल रूट कैनाल उपचार और कई अन्य दंत समस्याओं की पहचान पहले की तुलना में अधिक सटीकता से की जा रही है। इससे उपचार न केवल अधिक सटीक और आरामदायक हुआ है, बल्कि प्राकृतिक दांतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद मिल रही है।
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जयपुर की वरिष्ठ दंत विशेषज्ञ डॉ. रेनु चौधरी ने बताया कि आज मरीज केवल दर्द से राहत ही नहीं, बल्कि ऐसा उपचार चाहते हैं जो प्राकृतिक दांतों को अधिकतम सुरक्षित रखे, कम से कम हस्तक्षेप वाला हो और लंबे समय तक बेहतर परिणाम दे। इसी कारण सटीक दंत चिकित्सा और माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री जैसी आधुनिक तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है।
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उन्होंने बताया कि दंत चिकित्सा का कार्य शरीर के सबसे छोटे उपचार क्षेत्रों में किया जाता है, जहां कुछ मिलीमीटर की जगह में बेहद बारीक संरचनाओं पर काम करना पड़ता है। कई बार दांतों की महीन दरारें, अतिरिक्त रूट कैनाल, छिपा हुआ संक्रमण या शुरुआती सड़न सामान्य जांच में दिखाई नहीं देती। ऐसे मामलों में डेंटल ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप कई गुना अधिक आवर्धन और बेहतर रोशनी उपलब्ध कराता है, जिससे समस्या की पहचान अधिक स्पष्टता और सटीकता के साथ की जा सकती है।
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डॉ. रेनु चौधरी के अनुसार, यह आधुनिक तकनीक केवल रूट कैनाल उपचार तक सीमित नहीं है। आज इसका उपयोग रिस्टोरेटिव डेंटिस्ट्री, कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री, स्माइल मेकओवर और डेंटल माइक्रोसर्जरी सहित कई उपचारों में किया जा रहा है। इससे उपचार की सटीकता बढ़ती है और स्वस्थ दांतों की अनावश्यक घिसाई से भी बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आधुनिक उपचार की शुरुआत सीबीसीटी, ओपीजी और अन्य डिजिटल जांच तकनीकों से होती है, जिनकी सहायता से दांतों, जबड़ों और आसपास की संरचनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसारमाइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री की मदद से उपचार की योजना तैयार की जाती है, जिससे उपचार अधिक सुरक्षित, सटीक और अनुमानित परिणाम देने वाला बनता है।
रूट कैनाल उपचार में यह तकनीक विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कई दांतों में रूट कैनाल बेहद पतली, घुमावदार या अतिरिक्त हो सकती हैं, जिन्हें सामान्य दृष्टि से पहचानना कठिन होता है।माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री, एंडो मोटर, एपेक्स लोकेटर और सीबीसीटी जैसी तकनीकों के संयोजन से संक्रमित हिस्से की अधिक सटीक सफाई और उपचार संभव हो पाता है, जिससे प्राकृतिक दांतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की संभावना बढ़ जाती है।
डॉ. रेनु चौधरी ने बताया कि पहले से किए गए असफल रूट कैनाल उपचार, जिन्हें री-रूट कैनाल उपचार कहा जाता है, उनमें भी यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छूटी हुई रूट कैनाल, पुराना संक्रमण, टूटा हुआ उपकरण या अन्य जटिलताओं की पहचान अधिक स्पष्टता से की जा सकती है, जिससे दोबारा उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस तकनीक का एक बड़ा लाभ यह भी है कि इससे दांतों में आने वाली महीन दरारों और शुरुआती संरचनात्मक क्षति का समय रहते पता लगाया जा सकता है। यदि ऐसी समस्याओं का प्रारंभिक अवस्था में उपचार कर दिया जाए तो भविष्य में बड़े उपचार की आवश्यकता काफी हद तक कम हो सकती है।
आधुनिक दंत चिकित्सा का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक प्राकृतिक दांतों को सुरक्षित रखना भी है। इसी सोच के तहत केवल संक्रमित या क्षतिग्रस्त हिस्से का उपचार किया जाता है, जबकि स्वस्थ दंत संरचना को यथासंभव सुरक्षित रखा जाता है। इससे उपचार अधिक न्यूनतम इनवेसिव और दीर्घकालिक परिणाम देने वाला बनता है।
यह तकनीक केवल रूट कैनाल उपचार तक सीमित नहीं है।डेंटल क्राउन, विनीर्स, स्माइल मेकओवर और अन्य सौंदर्य संबंधी उपचारों में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। अधिक आवर्धन के कारण दांतों की तैयारी, रेस्टोरेशन की फिटिंग और किनारों की सटीकता बेहतर होती है, जिससे उपचार अधिक प्राकृतिक दिखाई देता है और लंबे समय तक टिकाऊ रहता है।
डॉ. रेनु चौधरी के अनुसार,माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री कोप्राइमस्कैन, सीईआरईसी सीएडी/सीएएम, प्राइममिल और डिजिटल स्माइल डिजाइन जैसी डिजिटल तकनीकों के साथ जोड़कर उपचार को और अधिक सटीक बनाया जा रहा है। डिजिटल योजना और माइक्रोस्कोपिक सटीकता का यह संयोजन मरीजों को बेहतर सौंदर्य, अधिक आराम और अनुमानित परिणाम प्रदान कर रहा है।
इसके अलावा डायोड लेज़र, ईएमएस गाइडेड बायोफिल्म थेरेपी (जीबीटी), सीबीसीटी, ओपीजी, एंडो मोटर और एपेक्स लोकेटर जैसी आधुनिक तकनीकों की सहायता से विभिन्न दंत उपचार अधिक सुरक्षित, आरामदायक और कम समय में किए जा रहे हैं। वहींब्लैंकोन अल्ट्रा+ ज़ीरो सेंसिटिविटी टीथ व्हाइटनिंग तकनीक की मदद से दांतों की सुरक्षित सफेदी बिना झनझनाहट के की जा रही है। बेहतर सौंदर्य और दीर्घकालिक परिणामों के लिए ई-मैक्स, मल्टीलेयर ज़िरकोनिया और आधुनिक सिरेमिक सामग्री का उपयोग किया जाता है, जो दांतों को प्राकृतिक स्वरूप, मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ परिणाम प्रदान करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मरीजों में जागरूकता बढ़ने के साथ अब लोग ऐसे उपचारों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनमें अधिक सटीकता, कम दर्द, प्राकृतिक दांतों का संरक्षण और लंबे समय तक टिकाऊ परिणाम मिल सकें। यही कारण है किमाइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री और सटीक दंत चिकित्सा आधुनिक दंत चिकित्सा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही हैं।
आधुनिक तकनीकों, अनुभवी विशेषज्ञों और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाओं के कारण जयपुर डेंटल टूरिज़्म के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी मरीज रूट कैनाल उपचार, स्माइल मेकओवर, डेंटल इम्प्लांट्स, विनीअर्स और अन्य आधुनिक दंत उपचारों के लिए जयपुर का रुख कर रहे हैं।
डॉ. रेनु चौधरी ने कहा, "आधुनिक दंत चिकित्सा केवल उपचार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा उद्देश्य प्राकृतिक दांतों को अधिकतम सुरक्षित रखते हुए मरीज को सटीक, आरामदायक और दीर्घकालिक परिणाम देना है।माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री हमें उन सूक्ष्म समस्याओं को भी पहचानने में मदद करती है, जिन्हें सामान्य जांच में देख पाना संभव नहीं होता।"
डॉ. रेनु डेंटल क्लीनिक, निर्माण नगर, जयपुर मेंमाइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री, प्राइमस्कैन, सेरेक सीएडी/सीएएम, प्राइममिल, सीबीसीटी, ओपीजी, एंडो मोटर, एपेक्स लोकेटर, डायोड लेज़र और ईएमएस गाइडेड बायोफिल्म थेरेपी (जीबीटी) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की सहायता से विभिन्न दंत उपचार किए जा रहे हैं। यहां डिजिटल डेंटिस्ट्री, माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री और एक दिन में दंत चिकित्सा के माध्यम से आधुनिक, सटीक और मरीज-केंद्रित उपचार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आधुनिक डिजिटल तकनीक, सटीक निदान, अनुभवी विशेषज्ञों और प्राकृतिक दांतों को सुरक्षित रखने वाली उपचार पद्धतियों के कारण जयपुर गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और सटीक दंत चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।