{"_id":"6a2734f840a0d09c0f06be5c","slug":"girls-will-be-skilled-in-self-defense-and-national-service-kurukshetra-news-c-45-1-kur1007-156083-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: आत्मरक्षा और राष्ट्र-सेवा के लिए पारंगत होंगी युवतियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: आत्मरक्षा और राष्ट्र-सेवा के लिए पारंगत होंगी युवतियां
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 09 Jun 2026 03:02 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आयोजित सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल के राष्ट्रीय शिविर में
- फोटो : samvad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल के राष्ट्रीय शिविर का सोमवार से शुभारंभ हो गया। इसमें देश के लगभग 20 राज्यों से 500 से अधिक युवतियां (वीरांगनाएं) भाग लेंगी। ये युवतियां शिविर में जीवन निर्माण, आत्मरक्षा और राष्ट्र-सेवा के गुर सीखेंगी। शिविर के उद्घाटन सत्र में सार्वदेशिक आर्यवीर दल न्यास के अध्यक्ष स्वामी देवव्रत सरस्वती एवं सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल की प्रधान संचालिका व्रतिका आर्या ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत देवयज्ञ (हवन) से हुई, जिसमें सभी आर्य वीरांगनाओं ने एक स्वर में वैदिक ऋचाओं का पाठ करते हुए आहुतियां डालीं और विश्व के कल्याण व शांति की कामना की।
प्रधान संचालिका व्रतिका आर्या ने सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल की प्रधान संचालिका व्रतिका आर्या ने महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्य मान्यताओं के सिद्धांतों के अनुरूप वीरांगनाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज की मान्यता हमेशा से ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ की रही है। महर्षि दयानंद सरस्वती ने समाज में नारी को वही उच्च और गौरवमयी स्थान दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया था, जिसकी वे अधिकारी हैं। आज की नारी को केवल कोमल नहीं, बल्कि भीतर से वज्र के समान मजबूत बनना होगा। देश की बेटियों को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी वैदिक संस्कृति, योग और आत्मरक्षा के कौशल को अपनाना होगा। जब एक बेटी संस्कारी और सशक्त बनती है, तो वह पूरे समाज और राष्ट्र का निर्माण करती है। इस शिविर का उद्देश्य हर युवती को शारीरिक रूप से सुदृढ़, मानसिक रूप से सजग और आध्यात्मिक रूप से तेजस्वी आर्य वीरांगना बनाना है। इस शिविर के माध्यम से देश भर से आईं ये वीरांगनाएं न केवल शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनेंगी, बल्कि बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से भी सशक्त होकर समाज व देश की उन्नति में अपना अमूल्य योगदान देंगी। संवाद
Trending Videos
प्रधान संचालिका व्रतिका आर्या ने सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल की प्रधान संचालिका व्रतिका आर्या ने महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्य मान्यताओं के सिद्धांतों के अनुरूप वीरांगनाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज की मान्यता हमेशा से ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ की रही है। महर्षि दयानंद सरस्वती ने समाज में नारी को वही उच्च और गौरवमयी स्थान दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया था, जिसकी वे अधिकारी हैं। आज की नारी को केवल कोमल नहीं, बल्कि भीतर से वज्र के समान मजबूत बनना होगा। देश की बेटियों को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी वैदिक संस्कृति, योग और आत्मरक्षा के कौशल को अपनाना होगा। जब एक बेटी संस्कारी और सशक्त बनती है, तो वह पूरे समाज और राष्ट्र का निर्माण करती है। इस शिविर का उद्देश्य हर युवती को शारीरिक रूप से सुदृढ़, मानसिक रूप से सजग और आध्यात्मिक रूप से तेजस्वी आर्य वीरांगना बनाना है। इस शिविर के माध्यम से देश भर से आईं ये वीरांगनाएं न केवल शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनेंगी, बल्कि बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से भी सशक्त होकर समाज व देश की उन्नति में अपना अमूल्य योगदान देंगी। संवाद

कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आयोजित सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल के राष्ट्रीय शिविर में - फोटो : samvad
विज्ञापन
विज्ञापन