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Mahendragarh-Narnaul News: जेल भरो आंदोलन में 200 कार्यकर्ताओं ने दी गिरफ्तारी, सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
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फोटो 10 लघुसचिवालय में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के सदस्य।संवाद
- फोटो : credit
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नारनौल। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को जेल भरो आंदोलन में विभिन्न संगठनों के 200 गिरफ्तारी दी। एसडीओ विकास कुमार ने आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। लघु सचिवालय पार्क में आयोजित सभा के बाद सरकार की नीतियों के खिलाफ जुलूस निकाला।
आंदोलनकारियों ने श्रमिक विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड रद्द करने, भारत-अमेरिका समझौता वापस लेने और सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने खाली सरकारी पद भरने और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की भी मांग उठाई। किसानों से जुड़ी मांगों में सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत एमएसपी को कानूनी अधिकार देने तथा किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ करने की मांग प्रमुख रही।
सभा की अध्यक्षता एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सुबे सिंह ने की। उन्होंने मनरेगा को मजबूत करने की मांग करते हुए मजदूरों को साल में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की बात कही। उन्होंने आशा, मिड-डे मील और आंगनबाड़ी समेत विभिन्न योजना कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी उठाई।
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ऑल इंडिया डीवाईओ के जिला संयोजक सतीश कुमार ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में एकजुट होकर संघर्ष जारी रखना जरूरी है। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के छाजूराम रावत ने भारत-अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित समझौतों को लेकर कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर चिंता जताई।
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आंदोलनकारियों ने श्रमिक विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड रद्द करने, भारत-अमेरिका समझौता वापस लेने और सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने खाली सरकारी पद भरने और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की भी मांग उठाई। किसानों से जुड़ी मांगों में सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत एमएसपी को कानूनी अधिकार देने तथा किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ करने की मांग प्रमुख रही।
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सभा की अध्यक्षता एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सुबे सिंह ने की। उन्होंने मनरेगा को मजबूत करने की मांग करते हुए मजदूरों को साल में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की बात कही। उन्होंने आशा, मिड-डे मील और आंगनबाड़ी समेत विभिन्न योजना कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी उठाई।
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ऑल इंडिया डीवाईओ के जिला संयोजक सतीश कुमार ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में एकजुट होकर संघर्ष जारी रखना जरूरी है। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के छाजूराम रावत ने भारत-अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित समझौतों को लेकर कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर चिंता जताई।