सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   High-risk pregnant woman endured pain while sitting on the ground; she was not treated or received an ambulance at the hospital.

Mahendragarh-Narnaul News: जमीन पर बैठ दर्द सहती रही हाई रिस्क गर्भवती, अस्पताल में महिला को उपचार मिला न एंबुलेंस

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 09:10 PM IST
विज्ञापन
High-risk pregnant woman endured pain while sitting on the ground; she was not treated or received an ambulance at the hospital.
फोटो संख्या:52- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में फर्श पर बैठकर एंबुलेंस का इंतजार करती गर्भवती  मह
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। गांव देवास निवासी एक गर्भवती महिला को शुक्रवार को हाई रिस्क होने पर भी नागरिक अस्पताल में जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। वहीं, परिजन और आशा वर्कर चिकित्सक व एंबुलेंस ढूंढते रहे।
Trending Videos


महिला के पति उदय सिंह ने बताया कि वे मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी शर्मिला को सुबह अचानक पेट में दर्द होने लगा। इसके बाद वे आशा वर्कर सुनीता के साथ शर्मिला को शहर के नागरिक अस्पताल में सुबह करीब साढ़े 8 बजे लेकर आए। यहां पर महिला की जांच की गई और एक इंजेक्शन लगा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस दौरान महिला को रक्तस्राव हो रहा था। बाद में चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड व अन्य जांच के लिए कहा तो वे करवाकर लाए। बाद में चिकित्सकों ने महिला को दाखिल करने से इन्कार कर दिया और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी बताकर रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। इस दौरान महिला को पेट में दर्द हो रहा था और परिजन महिला को बाहर ले आए।
उन्होंने डायल 112 पर फोन किया। इसके करीब एक घंटे बाद 12:35 पर एंबुलेंस पहुंची। इस अंतराल में महिला जमीन पर बैठकर दर्द सहती रही लेकिन उनको उपचार नहीं मिला और न ही कहीं पर एंबुलेंस की सुविधा हो पाई।
शुक्रवार को इस आपात स्थिति ने अस्पताल की अव्यवस्था व चिकित्सकों के व्यवहार को बयां किया और दूसरी ओर से महिला व उनके परिजन आंखों में आंसू लेकर मन ही मन एंबुलेंस व उपचार की गुहार लगाते रहे।
-----------
एंबुलेंस से नीचे उतारकर की महिला की जांच
महिला को एंबुलेंस में बैठाने के बाद 18 मिनट तक चिकित्सक के साथ जाने का इंतजार किया। इसके बाद पीपीसी ब्लॉक से आई एमओ ने फिर नीचे उतार लिया और जांच का नाम लेकर अंदर चली गई। इसके बाद फिर जांच की और बिना किसी ईएमटी व चिकित्सक के सहारे रेफर कर दिया। वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पास गए लेकिन कुर्सी खाली मिली। इसके अलावा अन्य चिकित्सकों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई उपचार नहीं मिला।
--------
बेटे की चाह में दर्द सह रही महिला
उदय सिंह ने बताया कि उनकी चार बेटियां हैं और अब तक उनको पुत्र प्राप्ति नहीं हुई है। इसके चलते महिला अब 45 की उम्र में आकर बेटे की चाह में दर्द सह रही है। इस बार उनको बेटा होने की आस है। घर की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है और इसके चलते निजी अस्पताल में उपचार नहीं करवा पा रहे।
------
वर्जन
जिले में 26 एंबुलेंस हैं। सरकार के नियमानुसार महेंद्रगढ़ अस्पताल में एंबुलेंस काफी हैं। हम 4 से 5 एंबुलेंस कैसे दे सकते हैं। महिला का मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। ऐसा नहीं हो सकता कि अस्पताल में एक भी एंबुलेंस न हो। एक ईएमटी हाल ही छोड़कर गया है। -अशोक कुमार, सीएमओ, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:52- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में फर्श पर बैठकर एंबुलेंस का इंतजार करती गर्भवती  मह

फोटो संख्या:52- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में फर्श पर बैठकर एंबुलेंस का इंतजार करती गर्भवती  मह

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article