ईरान को अमेरिकी ठिकानों की जानकारी दे रहा रूस?: पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच बड़ा दावा, समझिए क्या है इसके मायने
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच एक नया और बड़ा दावा सामने आया है। एक अमेरिकी अखबार की माने तो बढ़ते संघर्ष के बीच रूस कथित तौर पर ईरान को ऐसी खुफिया जानकारी दे रहा है, जिसमें क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन शामिल हो सकती है।
विस्तार
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार रूस कथित तौर पर ईरान को ऐसी खुफिया जानकारी दे रहा है जिसमें पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिका के युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन शामिल है। यह जानकारी तीन अधिकारियों के हवाले से दी गई है जो इस खुफिया जानकारी से जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस की मदद कितनी बड़ी है, यह पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन पिछले हफ्ते अमेरिका और इस्राइल ने तेहरान पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान की अपनी क्षमता कमजोर पड़ गई है और उसे अमेरिकी सैन्य ठिकानों का पता लगाने में पहले से ज्यादा मुश्किल हो रही है।
बता दें कि पिछले हफ्ते हुए हमलों के बाद यह संघर्ष और तेज हो गया है। ईरान ने जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं और अब इस टकराव में आसपास के कई देश भी प्रभावित हो रहे हैं। ईरान की कोशिश है कि अमेरिका, इस्राइल और उनके सहयोगियों को इस संघर्ष की भारी कीमत चुकानी पड़े।
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कुवैत में अमेरिकी सैनिकों की मौत
इस बीच अमेरिकी सेना ने बताया कि कुवैत में एक बड़ा हमला हुआ, जिसमें छह रिजर्व अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। एक ड्रोन ने पोर्ट शुआइबा में स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधा को निशाना बनाया था। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष में आगे भी अमेरिकी सैनिकों की मौत हो सकती है।
व्हाइट हाउस का बयान
हालांकि व्हाइट हाउस ने रूस द्वारा ईरान को मदद देने के आरोपों पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा कि ईरान की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों से किए जा रहे जवाबी हमले हर दिन कम हो रहे हैं, उसकी नौसेना को भारी नुकसान हुआ है और उसकी हथियार बनाने की क्षमता भी तेजी से खत्म की जा रही है।
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रूस का जवाब, यहां समझिए पूरी बात
उधर क्रेमलिन ने कहा कि रूस ईरान के नेतृत्व के साथ बातचीत में है, लेकिन उसने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या वह तेहरान को कोई सैन्य मदद दे रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस संघर्ष से रूस को आर्थिक फायदा भी मिल रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण रूस के तेल और गैस की मांग बढ़ गई है, जिससे उसके निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। रूस पहले से ही यूक्रेन यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों से जूझ रहा है।
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