West Asia: 'पीएम मोदी के तेल अवीव से लौटने के बाद लिया गया ईरान पर हमले का फैसला', बोले इस्राइली विदेश मंत्री
इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को हाल ही में उनके इस्राइल दौरे के दौरान ईरान पर हमलों की जानकारी नहीं दी गई थी। हमले पीएम मोदी के दौरे के बाद तय किए गए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब आटवें दिन में प्रवेश कर रहा है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार का पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान सामने आ रहा है। शुक्रवार को उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाल ही में उनके इस्राइल दौरे के दौरान ईरान पर इस्राइल के हवाई हमलों के बारे में जानकारी नहीं दी जा सकी।
उनका कहना था कि यह सैन्य कार्रवाई पीएम मोदी के दौरे के बाद तय की गई थी। बता दें कि पीएम मोदी का इस्राइल दौरा 26 फरवरी को खत्म हुआ। इसके दो दिन बाद, इस्राइल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की, जिसमें ईरानी सुप्रीम नेता अली खामनेई मारे गए और फिर ईरान जवाबी हमले के तौर पर इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी कर रहा है। इसके चलते पूरे पश्चिम एशिया में तनाव सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
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रायसीना डायलॉग में बोले इस्राइली मंत्री
इस्राइली विदेश मंत्री सार ने रायसीना डायलॉग में वर्चुअल रूप से कहा कि भारत और इस्राइल के बीच बेहद अच्छे संबंध हैं और ये वर्षों में और मजबूत हुए हैं। लेकिन हमले का निर्णय शनिवार सुबह लिया गया, इसलिए पीएम मोदी को इसकी जानकारी नहीं दी जा सकी।
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ईरान को लेकर भी बोले सार
इसके साथ ही इस्राइली विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान अभी भी अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइलें और समर्थक संगठन जैसे हिजबुल्ला, हमास और हूति को बढ़ावा दे रहा है। इस्राइल की सैन्य कार्रवाई का मकसद ईरान से उत्पन्न अस्तित्वगत खतरे को रोकना है। सार ने यह भी संकेत दिया कि शायद ईरान में शासन परिवर्तन की जरूरत पड़ सकती है।
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