{"_id":"6a135173afa0b736be0f9b7d","slug":"researchers-learned-how-to-create-and-use-research-tools-narnol-news-c-203-1-mgh1006-126763-2026-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: शोधार्थियों ने सीखे रिसर्च टूल्स बनाने और इस्तेमाल करने के तरीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: शोधार्थियों ने सीखे रिसर्च टूल्स बनाने और इस्तेमाल करने के तरीके
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। पहले दिन प्रोफेसर कौशल किशोर ने टेस्ट निर्माण, प्रश्न तैयार करने और टेस्ट ब्लूप्रिंट बनाने की प्रक्रिया समझाई।
वहीं, कंप्यूटर और तकनीक के माध्यम से रिसर्च टूल्स विकसित करने की जानकारी भी दी गई। दूसरे दिन डॉ. हरीश पांडे ने रेटिंग और लिकर्ट स्केल पर व्याख्यान दिया जबकि डॉ. संजय कुमार ने इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन की तकनीकें बताईं। अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपने तैयार किए गए रिसर्च टूल्स प्रस्तुत किए।
मानविकी और सामाजिक विज्ञान में शोध उपकरणों के विकास पर आधारित इस ऑफलाइन वर्कशॉप को आईसीएसएसआर द्वारा प्रायोजित किया गया। इसमें विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से आए प्रोफेसर्स, शोधार्थियों और प्रोजेक्ट स्टाफ ने भाग लेकर रिसर्च से जुड़े नए पहलुओं पर चर्चा की।
विज्ञापन
प्रवक्ता डॉ. नीरज करणसिंह ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सोशल साइंस और आर्ट्स के क्षेत्र में रिसर्च के लिए सही टूल्स तैयार करना, उन्हें परखना और प्रभावी ढंग से उपयोग करना सिखाना था। प्रतिभागियों को केवल थ्योरी ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल के जरिए भी प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान कई वरिष्ठ प्रोफेसर और अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, कंप्यूटर और तकनीक के माध्यम से रिसर्च टूल्स विकसित करने की जानकारी भी दी गई। दूसरे दिन डॉ. हरीश पांडे ने रेटिंग और लिकर्ट स्केल पर व्याख्यान दिया जबकि डॉ. संजय कुमार ने इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन की तकनीकें बताईं। अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपने तैयार किए गए रिसर्च टूल्स प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मानविकी और सामाजिक विज्ञान में शोध उपकरणों के विकास पर आधारित इस ऑफलाइन वर्कशॉप को आईसीएसएसआर द्वारा प्रायोजित किया गया। इसमें विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से आए प्रोफेसर्स, शोधार्थियों और प्रोजेक्ट स्टाफ ने भाग लेकर रिसर्च से जुड़े नए पहलुओं पर चर्चा की।
Trending Videos
प्रवक्ता डॉ. नीरज करणसिंह ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सोशल साइंस और आर्ट्स के क्षेत्र में रिसर्च के लिए सही टूल्स तैयार करना, उन्हें परखना और प्रभावी ढंग से उपयोग करना सिखाना था। प्रतिभागियों को केवल थ्योरी ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल के जरिए भी प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान कई वरिष्ठ प्रोफेसर और अधिकारी मौजूद रहे।