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Mahendragarh-Narnaul News: तिरंगा पतंगों से सजा आसमान, तीज पर बाजार में भी छाया देशभक्ति का रंग
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नारनौल। इस बार स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज शनिवार को एक ही दिन हैं। दोनों त्योहारों को लेकर शहर के बाजारों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। बाजार तिरंगे झंडों, टोपियों और पटकों से सजे हैं। वहीं तीज को लेकर बच्चों और युवाओं में पतंगबाजी का जोश भी देखने को मिल रहा है।
पतंग विक्रेताओं के अनुसार शहर में करीब 75 दुकानें लगी हैं। दुकानदारों ने त्योहार को देखते हुए लाखों रुपये का पतंग और डोर का सामान मंगवाया है। बाजार में 5 से 200 रुपये तक की पतंग और 200 से 1000 रुपये तक की डोर उपलब्ध है। इस बार तिरंगे रंग वाली पतंगों की सबसे ज्यादा मांग है।
स्वतंत्रता दिवस को लेकर 50 से 500 रुपये तक के तिरंगे झंडे, 20 से 100 रुपये के पटके और 50 से 100 रुपये तक की तिरंगा टोपियां बिक रही हैं। दोनों त्योहार एक साथ होने से बाजार में खरीदारी भी तेज हो गई है।
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युवाओं में देशभक्ति का रंग
मोहल्ला रेवाड़ी रोड निवासी कपिल निर्मल ने बताया कि उन्होंने इस बार ज्यादातर तिरंगा पतंग खरीदी हैं। उनका कहना है कि तिरंगा देश और शहीदों की शान है। तिरंगा पतंग आसमान में उड़ाकर वे शहीदों को नमन करेंगे। मोहल्ला नलापुर निवासी पिंटू ने बताया कि तीज को लेकर वह काफी उत्साहित हैं।
बुजुर्गों को याद आया पुराना समय
वरिष्ठ नागरिक संगठन के प्रधान दुलीचंद शर्मा ने कहा कि पहले सावन के पूरे महीने पतंगबाजी होती थी। अब यह उत्साह एक-दो दिन तक ही दिखाई देता है। वरिष्ठ नागरिक बीएल सैनी ने कहा कि पहले तीज पर झूले, सावन के गीत और पतंगबाजी त्योहार की पहचान हुआ करते थे। अब यह परंपराएं धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं।
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पतंग विक्रेताओं के अनुसार शहर में करीब 75 दुकानें लगी हैं। दुकानदारों ने त्योहार को देखते हुए लाखों रुपये का पतंग और डोर का सामान मंगवाया है। बाजार में 5 से 200 रुपये तक की पतंग और 200 से 1000 रुपये तक की डोर उपलब्ध है। इस बार तिरंगे रंग वाली पतंगों की सबसे ज्यादा मांग है।
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स्वतंत्रता दिवस को लेकर 50 से 500 रुपये तक के तिरंगे झंडे, 20 से 100 रुपये के पटके और 50 से 100 रुपये तक की तिरंगा टोपियां बिक रही हैं। दोनों त्योहार एक साथ होने से बाजार में खरीदारी भी तेज हो गई है।
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युवाओं में देशभक्ति का रंग
मोहल्ला रेवाड़ी रोड निवासी कपिल निर्मल ने बताया कि उन्होंने इस बार ज्यादातर तिरंगा पतंग खरीदी हैं। उनका कहना है कि तिरंगा देश और शहीदों की शान है। तिरंगा पतंग आसमान में उड़ाकर वे शहीदों को नमन करेंगे। मोहल्ला नलापुर निवासी पिंटू ने बताया कि तीज को लेकर वह काफी उत्साहित हैं।
बुजुर्गों को याद आया पुराना समय
वरिष्ठ नागरिक संगठन के प्रधान दुलीचंद शर्मा ने कहा कि पहले सावन के पूरे महीने पतंगबाजी होती थी। अब यह उत्साह एक-दो दिन तक ही दिखाई देता है। वरिष्ठ नागरिक बीएल सैनी ने कहा कि पहले तीज पर झूले, सावन के गीत और पतंगबाजी त्योहार की पहचान हुआ करते थे। अब यह परंपराएं धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं।