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सूरजकुंड मेले से निकली नई राह: ओडिशा-हरियाणा पर्यटन साझेदारी को मिला बढ़ावा; क्या बोलीं डिप्टी सीएम परिदा
Thu, 17 Sep 2026 05:38 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 17 Sep 2026 05:38 PM IST
सार
परिदा ने बताया कि वह स्वयं सूरजकुंड मेले में शामिल हो चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर ओडिशा और हरियाणा के बीच पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।
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उड़ीसा की उप मुख्यमंत्री प्रवति परिदा के साथ पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के सूरजकुंड की लोक संस्कृति और ओडिशा के समुद्र तट अब एक-दूसरे के पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। दोनों राज्यों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने पीआईबी चंडीगढ़ की टीम के साथ बातचीत में चर्चा की। उन्होंने बताया कि सूरजकुंड मेले में ओडिशा की संस्कृति को थीम बनाए जाने के बाद दोनों राज्यों के बीच पर्यटन सहयोग को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है।
परिदा ने बताया कि वह स्वयं सूरजकुंड मेले में शामिल हो चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर ओडिशा और हरियाणा के बीच पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। इससे पहले हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा भी ओडिशा का दौरा कर चुके हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच पर्यटन को लेकर संपर्क पहले से बढ़ा है।
समुद्र से संस्कृति तक बनेगा पर्यटन का सर्किट
ओडिशा अपने समुद्र तटों, जगन्नाथ संस्कृति, मंदिरों और आदिवासी विरासत के लिए जाना जाता है, जबकि हरियाणा की पहचान सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला, ऐतिहासिक स्थलों, कुरुक्षेत्र की धार्मिक विरासत और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी है। दोनों राज्यों के पर्यटन स्थलों को एक-दूसरे के पर्यटकों के सामने बढ़ावा देने से नया पर्यटन सर्किट तैयार करने की संभावना बन सकती है।
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परिदा ने कहा कि ओडिशा में समुद्र तटों को और विकसित करने तथा पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। ऐसे में हरियाणा के पर्यटकों को ओडिशा के समुद्र तटों और सांस्कृतिक स्थलों तक आकर्षित करने के साथ ओडिशा के पर्यटकों के लिए हरियाणा के सूरजकुंड और धार्मिक-ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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परिदा ने बताया कि वह स्वयं सूरजकुंड मेले में शामिल हो चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर ओडिशा और हरियाणा के बीच पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। इससे पहले हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा भी ओडिशा का दौरा कर चुके हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच पर्यटन को लेकर संपर्क पहले से बढ़ा है।
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समुद्र से संस्कृति तक बनेगा पर्यटन का सर्किट
ओडिशा अपने समुद्र तटों, जगन्नाथ संस्कृति, मंदिरों और आदिवासी विरासत के लिए जाना जाता है, जबकि हरियाणा की पहचान सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला, ऐतिहासिक स्थलों, कुरुक्षेत्र की धार्मिक विरासत और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी है। दोनों राज्यों के पर्यटन स्थलों को एक-दूसरे के पर्यटकों के सामने बढ़ावा देने से नया पर्यटन सर्किट तैयार करने की संभावना बन सकती है।
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परिदा ने कहा कि ओडिशा में समुद्र तटों को और विकसित करने तथा पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। ऐसे में हरियाणा के पर्यटकों को ओडिशा के समुद्र तटों और सांस्कृतिक स्थलों तक आकर्षित करने के साथ ओडिशा के पर्यटकों के लिए हरियाणा के सूरजकुंड और धार्मिक-ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
चंडीगढ़ पीआईबी के निदेशक प्रीतम सिंह, सहयोगी धर्म सिंह और उड़ीसा पीआईबी अधिकारी प्रदेश के पर्यटन निदेशक को सम्मानित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान परिदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और ओडिशा सरकार की ‘सुभद्रा योजना’ से जुड़े कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर लाभार्थी महिलाओं से घरों में दीप जलाने का आह्वान किया गया है। शाम को भुवनेश्वर के मुक्तेश्वर मंदिर में 11 हजार दीप जलाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था।
दौरे के दौरान पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह, सहायक निदेशक पार्थ सारथी मलिक और धर्म सिंह मौजूद रहे। बातचीत में पर्यटन के साथ दोनों राज्यों की संस्कृति और विरासत को एक-दूसरे से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
ओडिशा में समुद्र तटों को और विकसित करने तथा पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। ऐसे में हरियाणा के पर्यटकों को ओडिशा के समुद्र तटों और सांस्कृतिक स्थलों तक आकर्षित करने के साथ ओडिशा के पर्यटकों के लिए हरियाणा के सूरजकुंड और धार्मिक-ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
बातचीत में परिदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और ओडिशा सरकार की ‘सुभद्रा योजना’ से जुड़े कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर लाभार्थी महिलाओं से घरों में दीप जलाने का आह्वान किया गया है। शाम को भुवनेश्वर के मुक्तेश्वर मंदिर में 11 हजार दीप जलाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था।
दौरे के दौरान पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह, सहायक निदेशक पार्थ सारथी मलिक और धर्म सिंह मौजूद रहे। बातचीत में पर्यटन के साथ दोनों राज्यों की संस्कृति और विरासत को एक-दूसरे से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
दौरे के दौरान पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह, सहायक निदेशक पार्थ सारथी मलिक और धर्म सिंह मौजूद रहे। बातचीत में पर्यटन के साथ दोनों राज्यों की संस्कृति और विरासत को एक-दूसरे से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
ओडिशा में समुद्र तटों को और विकसित करने तथा पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। ऐसे में हरियाणा के पर्यटकों को ओडिशा के समुद्र तटों और सांस्कृतिक स्थलों तक आकर्षित करने के साथ ओडिशा के पर्यटकों के लिए हरियाणा के सूरजकुंड और धार्मिक-ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
बातचीत में परिदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और ओडिशा सरकार की ‘सुभद्रा योजना’ से जुड़े कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर लाभार्थी महिलाओं से घरों में दीप जलाने का आह्वान किया गया है। शाम को भुवनेश्वर के मुक्तेश्वर मंदिर में 11 हजार दीप जलाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था।
दौरे के दौरान पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह, सहायक निदेशक पार्थ सारथी मलिक और धर्म सिंह मौजूद रहे। बातचीत में पर्यटन के साथ दोनों राज्यों की संस्कृति और विरासत को एक-दूसरे से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।