{"_id":"6a86749ba9734a4b3a0278ca","slug":"entry-into-the-panchkula-civil-hospital-is-now-restricted-without-pass-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula: सिविल अस्पताल में अब बिना पास एंट्री नहीं, मरीज के साथ एक तीमारदार ही रहेगा अंदर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula: सिविल अस्पताल में अब बिना पास एंट्री नहीं, मरीज के साथ एक तीमारदार ही रहेगा अंदर
Thu, 20 Aug 2026 08:59 AM IST
Nivedita
आदित्य शर्मा, संवाद, पंचकूला
आदित्य शर्मा, संवाद, पंचकूला
Published by: Nivedita
Updated Thu, 20 Aug 2026 08:59 AM IST
सार
योजना के तहत ओपीडी काउंटर या इमरजेंसी से पर्ची बनवाते समय मरीज और एक तीमारदार को पास दिया जाएगा। इसमें नाम, उम्र, पता और संपर्क संबंधी विवरण दर्ज होगा। मेन गेट और प्रमुख विभागों में पास की जांच होगी।
विज्ञापन
पंचकूला सिविल अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंचकूला सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में बढ़ती चोरी और बाहरी लोगों की अनियंत्रित आवाजाही पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब गेट एंट्री पास सिस्टम लागू करने की तैयारी में है।
प्रस्तावित व्यवस्था में मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को प्रवेश की अनुमति होगी। ओपीडी और एमसीएच में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। पास में मरीज और तीमारदार का विवरण दर्ज होगा और बिना पास ओपीडी, वार्ड या अन्य विभागों में प्रवेश नहीं मिलेगा। अस्पताल में रोजाना पांच हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं।
चोरियों ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ समय में अस्पताल में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। दो दिन पहले ब्लॉक डी में तीन लोग निर्माण सामग्री में रखी कॉपर तार चोरी करने पहुंचे, जिन्हें स्टाफ ने पकड़ लिया। दो महीने पहले एमसीएच में ऑक्सीजन पाइप काटकर कॉपर वायर चोरी हुई थी। चार दिन पहले वार्ड में पंखा चोरी करते एक व्यक्ति को मरीजों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया। बुधवार को एमसीएच में पानी की टोंटियां उखाड़ने की सूचना भी मिली। अस्पताल में 40 से अधिक सुरक्षा गार्ड, पुलिस गश्त, 120 सीसीटीवी और दो पीटीजेड कैमरे होने के बावजूद चोरी रोकना चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन
एमसीएच में 200 बेड, पहुंच रहे 1200 मरीज
गायनी, पीडियाट्रिक समेत ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर एमसीएच में शिफ्ट होने के बाद भीड़ बढ़ी है। 200 बेड की क्षमता वाले एमसीएच में रोजाना करीब 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। तीमारदारों के साथ वार्ड, लिफ्ट और वेटिंग एरिया में भीड़ रहती है। अधिकारियों का मानना है कि इसी भीड़ का फायदा उठाकर संदिग्ध लोग अस्पताल में दाखिल हो जाते हैं।
पायलट प्रोजेक्ट में मैनुअल पास
योजना के तहत ओपीडी काउंटर या इमरजेंसी से पर्ची बनवाते समय मरीज और एक तीमारदार को पास दिया जाएगा। इसमें नाम, उम्र, पता और संपर्क संबंधी विवरण दर्ज होगा। मेन गेट और प्रमुख विभागों में पास की जांच होगी। इमरजेंसी के लिए अलग त्वरित पास काउंटर बनाने का प्रस्ताव है। शुरुआत मैनुअल पास से होगी, जिसे बाद में कंप्यूटराइज्ड, ऑनलाइन और बायोमेट्रिक व्यवस्था से जोड़ा जा सकता है।
डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि एंट्री गेट पास को लेकर एक सप्ताह पहले बैठक हो चुकी है। व्यवस्था लागू करने में आने वाली दिक्कतों पर मंथन किया जा रहा है और अगले सप्ताह तक इसे कार्यरूप देने का प्रयास है।
ऐसे आएगा बदलाव
मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को प्रवेश मिलेगा।
मेन गेट और प्रमुख विभागों में पास की जांच होगी।
बिना पास मिलने वाले व्यक्ति से पूछताछ कर जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना दी जाएगी।
पास का रिकॉर्ड भविष्य में डिजिटल और बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
पास व्यवस्था से ओपीडी की अनावश्यक भीड़ कम होने और संदिग्धों की पहचान आसान होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
प्रस्तावित व्यवस्था में मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को प्रवेश की अनुमति होगी। ओपीडी और एमसीएच में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। पास में मरीज और तीमारदार का विवरण दर्ज होगा और बिना पास ओपीडी, वार्ड या अन्य विभागों में प्रवेश नहीं मिलेगा। अस्पताल में रोजाना पांच हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं।
विज्ञापन
चोरियों ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ समय में अस्पताल में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। दो दिन पहले ब्लॉक डी में तीन लोग निर्माण सामग्री में रखी कॉपर तार चोरी करने पहुंचे, जिन्हें स्टाफ ने पकड़ लिया। दो महीने पहले एमसीएच में ऑक्सीजन पाइप काटकर कॉपर वायर चोरी हुई थी। चार दिन पहले वार्ड में पंखा चोरी करते एक व्यक्ति को मरीजों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया। बुधवार को एमसीएच में पानी की टोंटियां उखाड़ने की सूचना भी मिली। अस्पताल में 40 से अधिक सुरक्षा गार्ड, पुलिस गश्त, 120 सीसीटीवी और दो पीटीजेड कैमरे होने के बावजूद चोरी रोकना चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन
एमसीएच में 200 बेड, पहुंच रहे 1200 मरीज
गायनी, पीडियाट्रिक समेत ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर एमसीएच में शिफ्ट होने के बाद भीड़ बढ़ी है। 200 बेड की क्षमता वाले एमसीएच में रोजाना करीब 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। तीमारदारों के साथ वार्ड, लिफ्ट और वेटिंग एरिया में भीड़ रहती है। अधिकारियों का मानना है कि इसी भीड़ का फायदा उठाकर संदिग्ध लोग अस्पताल में दाखिल हो जाते हैं।
पायलट प्रोजेक्ट में मैनुअल पास
योजना के तहत ओपीडी काउंटर या इमरजेंसी से पर्ची बनवाते समय मरीज और एक तीमारदार को पास दिया जाएगा। इसमें नाम, उम्र, पता और संपर्क संबंधी विवरण दर्ज होगा। मेन गेट और प्रमुख विभागों में पास की जांच होगी। इमरजेंसी के लिए अलग त्वरित पास काउंटर बनाने का प्रस्ताव है। शुरुआत मैनुअल पास से होगी, जिसे बाद में कंप्यूटराइज्ड, ऑनलाइन और बायोमेट्रिक व्यवस्था से जोड़ा जा सकता है।
डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि एंट्री गेट पास को लेकर एक सप्ताह पहले बैठक हो चुकी है। व्यवस्था लागू करने में आने वाली दिक्कतों पर मंथन किया जा रहा है और अगले सप्ताह तक इसे कार्यरूप देने का प्रयास है।
ऐसे आएगा बदलाव
मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को प्रवेश मिलेगा।
मेन गेट और प्रमुख विभागों में पास की जांच होगी।
बिना पास मिलने वाले व्यक्ति से पूछताछ कर जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना दी जाएगी।
पास का रिकॉर्ड भविष्य में डिजिटल और बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
पास व्यवस्था से ओपीडी की अनावश्यक भीड़ कम होने और संदिग्धों की पहचान आसान होने की उम्मीद है।