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Panchkula News: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला व अन्य को हाईकोर्ट से राहत
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला, भाजपा के अश्वनी शर्मा, तरुण चुग, मनोरंजन कालिया, जीवन गुप्ता, बलदेव चावला और सुभाष शर्मा व आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग के खिलाफ चंडीगढ़ में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग पर यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही इन्हें राहत देते हुए 20 फरवरी तक ट्रायल कोर्ट को केस की सुनवाई न करने का आदेश दिया है।
इन सभी नेताओं ने एडवोकेट एनके वर्मा के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए एफआईआर और ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को रद्द करने की मांग की है। याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि इस मांग को लेकर उन्होंने पहले चंडीगढ़ की ट्रायल कोर्ट में यह मांग की थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि धारा 188 से जुड़े अपराध के तहत कोई एफआईआर बिना शिकायत दर्ज नहीं की जा सकती। सीआरपीसी की धारा 195 के अनुसार कोई अदालत धारा 172 से 188 तक किसी अपराध पर संज्ञान नहीं ले सकती और न किसी पब्लिक सर्वेंट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हो सकती है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए यूटी प्रशासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट को आदेश दिए कि इस केस में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी तब तक वह इस केस की सुनवाई न करे। इससे पहले भाजपा नेता अरुण नारंग सहित तीक्ष्ण सूद, मास्टर मोहन लाल, सुरजीत कुमार ज्याणी, केडी भंडारी को हाईकोर्ट राहत दे चुका है।
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इन सभी नेताओं ने एडवोकेट एनके वर्मा के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए एफआईआर और ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को रद्द करने की मांग की है। याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि इस मांग को लेकर उन्होंने पहले चंडीगढ़ की ट्रायल कोर्ट में यह मांग की थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि धारा 188 से जुड़े अपराध के तहत कोई एफआईआर बिना शिकायत दर्ज नहीं की जा सकती। सीआरपीसी की धारा 195 के अनुसार कोई अदालत धारा 172 से 188 तक किसी अपराध पर संज्ञान नहीं ले सकती और न किसी पब्लिक सर्वेंट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हो सकती है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए यूटी प्रशासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट को आदेश दिए कि इस केस में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी तब तक वह इस केस की सुनवाई न करे। इससे पहले भाजपा नेता अरुण नारंग सहित तीक्ष्ण सूद, मास्टर मोहन लाल, सुरजीत कुमार ज्याणी, केडी भंडारी को हाईकोर्ट राहत दे चुका है।
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