{"_id":"69adda519396fdd01b0c1151","slug":"nri-punjabis-should-play-an-active-role-in-restoring-the-states-old-glory-mann-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-966123-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य की पुरानी शान बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभाएं प्रवासी पंजाबी : मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य की पुरानी शान बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभाएं प्रवासी पंजाबी : मान
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को प्रवासी पंजाबी कानूनी भाईचारे से राज्य की पुरानी गौरवशाली पहचान को बहाल करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट वीक के दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दुनिया भर से पंजाब की पवित्र धरती पर पहुंचे प्रतिष्ठित अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वभर के कानूनी विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित करने के लिए पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को आयोजन स्थल चुनने पर आयोजकों का आभार जताया। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रसिद्ध कानूनी विद्वान, कानूनी संस्थाओं के प्रमुख, वकील और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका, यूके, कनाडा और सिंगापुर से आए सिख वकील, जज और अन्य प्रतिष्ठित सिख हस्तियां पहुंची। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक शांतिपूर्ण राज्य है जहां सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारा इतना मजबूत है कि नफरत के बीज यहां पनप ही नहीं सकते। पंजाबियों ने हमेशा दुनिया के सामने सांप्रदायिक सद्भाव की एक सुंदर मिसाल पेश की है। पवित्र नगरी अमृतसर को वैश्विक भाईचारे के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, जहां श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्ग्याणा मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल जैसे पवित्र स्थल और जलियांवाला बाग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूटस वीक एक ऐसा मंच है जो दुनिया भर के जजों, वरिष्ठ वकीलों, कानूनी फर्मों, युवा वकीलों, बुद्धिजीवियों और संस्थाओं को एक साथ लाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पांच दिन के दौरान घरेलू हिंसा, वित्तीय अपराध, जनहित याचिका, पर्यावरण कानून, मध्यस्थता की रणनीति, सीमा-पार विवाद समाधान और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय प्रणाली को मजबूत करने और नागरिकों को समय पर न्याय दिलाने के लिए वर्ष 2022 से अब तक 159 कानूनी अधिकारियों की भर्ती की गई है। सरकारी कानूनों और नियमों को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के 53 अधिनियमों का पंजाबी में अनुवाद कर उन्हें भारत सरकार के इंडियन कोड पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
इसके अलावा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित की गई है।
Trending Videos
मुख्यमंत्री ने विश्वभर के कानूनी विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित करने के लिए पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को आयोजन स्थल चुनने पर आयोजकों का आभार जताया। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रसिद्ध कानूनी विद्वान, कानूनी संस्थाओं के प्रमुख, वकील और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका, यूके, कनाडा और सिंगापुर से आए सिख वकील, जज और अन्य प्रतिष्ठित सिख हस्तियां पहुंची। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक शांतिपूर्ण राज्य है जहां सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारा इतना मजबूत है कि नफरत के बीज यहां पनप ही नहीं सकते। पंजाबियों ने हमेशा दुनिया के सामने सांप्रदायिक सद्भाव की एक सुंदर मिसाल पेश की है। पवित्र नगरी अमृतसर को वैश्विक भाईचारे के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, जहां श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्ग्याणा मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल जैसे पवित्र स्थल और जलियांवाला बाग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूटस वीक एक ऐसा मंच है जो दुनिया भर के जजों, वरिष्ठ वकीलों, कानूनी फर्मों, युवा वकीलों, बुद्धिजीवियों और संस्थाओं को एक साथ लाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पांच दिन के दौरान घरेलू हिंसा, वित्तीय अपराध, जनहित याचिका, पर्यावरण कानून, मध्यस्थता की रणनीति, सीमा-पार विवाद समाधान और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय प्रणाली को मजबूत करने और नागरिकों को समय पर न्याय दिलाने के लिए वर्ष 2022 से अब तक 159 कानूनी अधिकारियों की भर्ती की गई है। सरकारी कानूनों और नियमों को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के 53 अधिनियमों का पंजाबी में अनुवाद कर उन्हें भारत सरकार के इंडियन कोड पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
इसके अलावा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित की गई है।