फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Stretcher wheels jammed, wheelchair handles broken... Civil Hospital making do with makeshift repairs.

Panchkula News: स्ट्रेचर के पहिए जाम, व्हीलचेयर के हैंडल टूटे... सिविल अस्पताल में मरम्मत के सहारे काम

Wed, 16 Sep 2026 01:47 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
Stretcher wheels jammed, wheelchair handles broken... Civil Hospital making do with makeshift repairs.
इमरजेंसी से वार्ड तक मरीजों को परेशानी, 40 में से 15 स्ट्रेचर के पहिए जाम
विज्ञापन

सीएसआर फंड से बदले जाएंगे खराब उपकरण, अब नए उपकरण खरीदने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का ढांचा ही बदहाल है। इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक स्ट्रेचर, ट्रॉलियां, व्हीलचेयर और ग्लूकोज स्टैंड खराब होने के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एमसीएच विंग में शिफ्टिंग के दौरान खराब हुए उपकरणों की मरम्मत कर फिलहाल काम चलाया जा रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने खराब सामान की सूची तैयार कर ली है और अब इन्हें सीएसआर फंड से बदलने की तैयारी है।
अस्पताल में रोजाना करीब 3000 से 3500 ओपीडी और 100 से अधिक इमरजेंसी मरीज पहुंचते हैं। इसके मुकाबले स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की संख्या कम है। जो उपकरण उपलब्ध हैं, उनमें भी कई के पहिए जाम हैं, हैंडल टूटे हुए हैं और लॉक काम नहीं करते। वार्डों में ग्लूकोज चढ़ाने वाले कई स्टैंड जंग लगे और टेढ़े हो चुके हैं। हाल ही में नवनिर्मित एमसीएच में वार्डों की शिफ्टिंग के दौरान भी कई उपकरण खराब हुए हैं।
विज्ञापन


रात में इमरजेंसी के बाहर नहीं मिलती व्हीलचेयर
मरीजों के परिजनों की सबसे बड़ी शिकायत रात और सुबह के समय को लेकर है। तीमारदारों के अनुसार, रात में इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर आसानी से उपलब्ध नहीं होती। स्टाफ की कमी के कारण कई बार मदद के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं मिल पाता। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परिजन गोद में उठाकर या कंधे का सहारा देकर इमरजेंसी तक ले जाने को मजबूर होते हैं। सुबह ओपीडी के समय बुजुर्ग मरीजों को व्हीलचेयर के लिए लंबी लाइन में इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


टूटी बेंचों पर रात गुजार रहे तीमारदार
वार्डों में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के बैठने के लिए रखी गई बेंच और टेबल भी जर्जर हालत में हैं। कई बेंचों के पाए टूटे हुए हैं, जबकि टेबलों पर जंग लगी है। ऐसे में तीमारदारों को जमीन पर या टूटी बेंचों पर बैठकर रात गुजारनी पड़ती है।


सीएसआर फंड से बदले जाएंगे खराब उपकरण
अस्पताल प्रशासन ने खराब उपकरणों की सूची तैयार कर ली है। इन्हें सीएसआर फंड से बदलने की योजना बनाई गई है। अस्पताल के स्टोर रूम में जरूरी सामान की खरीद प्रक्रिया भी चल रही है। इसके साथ ही सीएसआर पॉलिसी के तहत मदद ली जा रही है। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही नया सामान अस्पताल में पहुंच जाएगा। तब तक पुराने उपकरणों की वर्कशॉप में मरम्मत कर काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed