{"_id":"6aa31ae0958127009204eeef","slug":"allegations-of-irregularities-in-refund-processing-probe-handed-over-to-adc-panipat-news-c-18-1-knl1004-989356-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: क्लेरिफिकेशन रिफंड में गोलमाल का आरोप, एडीसी को सौंपी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: क्लेरिफिकेशन रिफंड में गोलमाल का आरोप, एडीसी को सौंपी जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। एमएसएमई क्लेरिफिकेशन रिफंड प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता और पिक एंड चूज के आरोप सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के उद्यमियों ने वीरवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के समक्ष रिफंड में पक्षपात और दलालों की सक्रियता का मुद्दा उठाया था।
उपायुक्त ने मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे को सौंपते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त कार्यालय में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। इसमें हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान विनोद धमीजा, सेक्टर-29 पार्ट-2 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल और पुराने औद्योगिक क्षेत्र के प्रधान वीरभान सिंगला ने उद्यमियों से जुड़ी समस्याएं रखीं।
बैठक में सिंचाई विभाग और बिजली निगम के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। उद्यमियों के अनुसार, उपायुक्त की ओर से तीन बार संदेश भेजे जाने के बावजूद एचएसवीपी अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचने से उनमें रोष है। उन्होंने शुक्रवार को एचएसवीपी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से जवाब मांगने और कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
चैंबर प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पिछले 15 दिनों में जिला प्रशासन के सहयोग से उद्योगों से जुड़ी करीब 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और उद्यमियों के बीच संवाद आगे भी जारी रहेगा। बैठक में हर दो से तीन महीने में समीक्षा बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी है। इन बैठकों के माध्यम से नए नियमों की जानकारी उद्यमियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
तीन साल से रिफंड नहीं मिलने का आरोप लगाया
चैंबर प्रधान विनोद धमीजा ने आरोप लगाया कि एमएसएमई क्लेरिफिकेशन रिफंड में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर दलालों की सक्रियता के कारण वास्तविक उद्यमियों को तीन-तीन साल से रिफंड नहीं मिल रहा, जबकि कुछ मामलों में मिलीभगत से महज दो महीने में रिफंड जारी किए जाने के आरोप हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने एडीसी अंकित चौकसे को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिजली लाइनों के लिए एनओसी की समस्या उठी
बैठक में श्रीभगवान अग्रवाल ने 132 केवी बिजली लाइनों से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सेक्टर-18 और इसराना क्षेत्र में सिंचाई तथा वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण बिजली की लाइनें बिछाने में परेशानी आ रही है। इससे औद्योगिक इकाइयों का काम प्रभावित हो रहा है। उपायुक्त ने संबंधित एसडीएम की देखरेख में विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।
आज से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान
औद्योगिक क्षेत्रों में एचएसआईआईडीसी की सड़कों पर अतिक्रमण और झुग्गी-झोपड़ियों की समस्या पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त के निर्देश पर पुलिस की मदद से 11 सितंबर से एचएसआईआईडीसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
आज से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान
औद्योगिक क्षेत्रों में एचएसआईआईडीसी की सड़कों पर अतिक्रमण और झुग्गी-झोपड़ियों की समस्या पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त के निर्देश पर पुलिस की मदद से 11 सितंबर से एचएसआईआईडीसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
उपायुक्त ने मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे को सौंपते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त कार्यालय में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। इसमें हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान विनोद धमीजा, सेक्टर-29 पार्ट-2 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल और पुराने औद्योगिक क्षेत्र के प्रधान वीरभान सिंगला ने उद्यमियों से जुड़ी समस्याएं रखीं।
विज्ञापन
बैठक में सिंचाई विभाग और बिजली निगम के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। उद्यमियों के अनुसार, उपायुक्त की ओर से तीन बार संदेश भेजे जाने के बावजूद एचएसवीपी अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचने से उनमें रोष है। उन्होंने शुक्रवार को एचएसवीपी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से जवाब मांगने और कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
चैंबर प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पिछले 15 दिनों में जिला प्रशासन के सहयोग से उद्योगों से जुड़ी करीब 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और उद्यमियों के बीच संवाद आगे भी जारी रहेगा। बैठक में हर दो से तीन महीने में समीक्षा बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी है। इन बैठकों के माध्यम से नए नियमों की जानकारी उद्यमियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
तीन साल से रिफंड नहीं मिलने का आरोप लगाया
चैंबर प्रधान विनोद धमीजा ने आरोप लगाया कि एमएसएमई क्लेरिफिकेशन रिफंड में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर दलालों की सक्रियता के कारण वास्तविक उद्यमियों को तीन-तीन साल से रिफंड नहीं मिल रहा, जबकि कुछ मामलों में मिलीभगत से महज दो महीने में रिफंड जारी किए जाने के आरोप हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने एडीसी अंकित चौकसे को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिजली लाइनों के लिए एनओसी की समस्या उठी
बैठक में श्रीभगवान अग्रवाल ने 132 केवी बिजली लाइनों से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सेक्टर-18 और इसराना क्षेत्र में सिंचाई तथा वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण बिजली की लाइनें बिछाने में परेशानी आ रही है। इससे औद्योगिक इकाइयों का काम प्रभावित हो रहा है। उपायुक्त ने संबंधित एसडीएम की देखरेख में विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।
आज से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान
औद्योगिक क्षेत्रों में एचएसआईआईडीसी की सड़कों पर अतिक्रमण और झुग्गी-झोपड़ियों की समस्या पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त के निर्देश पर पुलिस की मदद से 11 सितंबर से एचएसआईआईडीसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
आज से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान
औद्योगिक क्षेत्रों में एचएसआईआईडीसी की सड़कों पर अतिक्रमण और झुग्गी-झोपड़ियों की समस्या पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त के निर्देश पर पुलिस की मदद से 11 सितंबर से एचएसआईआईडीसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।