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Rewari News: नौवीं का छात्र मोहित बना माता-पिता का शिक्षा गुरु
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:01 AM IST
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भाड़ावास गेट स्थित स्कूल में परीक्षा देते सोनी और सोमोती, साथ में निगरानी करते शिक्षक। स्रोत :
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रेवाड़ी। भाड़ावास गेट स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौंवी का छात्र मोहित अपने माता-पिता का शिक्षा गुरु बन गया है। उसने अपने माता-पिता को साक्षर बनाने के लिए उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत मूल्यांकन परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित कर परीक्षा दिलवाई।
परीक्षा के दौरान विद्यालय परिसर में शिक्षा के प्रति एक अनूठा उत्साह देखने को मिला। इस परीक्षा केंद्र पर पंजीकृत परीक्षार्थियों में से दो परीक्षार्थी मोहित के माता-पिता रहे। पिता सोनी और माता सोमोती अपने बेटे मोहित के साथ परीक्षा देने पहुंचीं थी। बेटे से मिली प्रेरणा ने दंपति को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का नया साहस प्रदान किया।
शिक्षाविद मनोज कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जब एक नौवीं कक्षा का छात्र अपने माता-पिता का शिक्षा-गुरु बनकर उन्हें परीक्षा केंद्र तक लाता है तो यह सिद्ध हो जाता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम उन लोगों को दूसरी पारी शुरू करने का मौका दे रहा है जो किन्हीं कारणों से पीछे छूट गए थे।
हमारा उद्देश्य हर वयस्क को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता और जीवन कौशलों में निपुण बनाना है ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी कर सकें। परीक्षा को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए शिक्षाविद मनोज कुमार वशिष्ठ के साथ प्रवक्ता बबीता एवं रश्मि ने पर्यवेक्षक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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परीक्षा के दौरान विद्यालय परिसर में शिक्षा के प्रति एक अनूठा उत्साह देखने को मिला। इस परीक्षा केंद्र पर पंजीकृत परीक्षार्थियों में से दो परीक्षार्थी मोहित के माता-पिता रहे। पिता सोनी और माता सोमोती अपने बेटे मोहित के साथ परीक्षा देने पहुंचीं थी। बेटे से मिली प्रेरणा ने दंपति को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का नया साहस प्रदान किया।
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शिक्षाविद मनोज कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जब एक नौवीं कक्षा का छात्र अपने माता-पिता का शिक्षा-गुरु बनकर उन्हें परीक्षा केंद्र तक लाता है तो यह सिद्ध हो जाता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम उन लोगों को दूसरी पारी शुरू करने का मौका दे रहा है जो किन्हीं कारणों से पीछे छूट गए थे।
हमारा उद्देश्य हर वयस्क को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता और जीवन कौशलों में निपुण बनाना है ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी कर सकें। परीक्षा को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए शिक्षाविद मनोज कुमार वशिष्ठ के साथ प्रवक्ता बबीता एवं रश्मि ने पर्यवेक्षक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।