{"_id":"69b6b7e744505287d00024ba","slug":"when-the-mustard-crop-has-already-arrived-in-the-markets-why-is-government-procurement-not-taking-place-asks-ved-prakash-rewari-news-c-198-1-rew1001-235060-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब सरसों की फसल मंडियों में आ चुकी, सरकारी खरीद क्यों नहीं हो रही : वेद प्रकाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब सरसों की फसल मंडियों में आ चुकी, सरकारी खरीद क्यों नहीं हो रही : वेद प्रकाश
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:14 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेद प्रकाश विद्रोही ने सरकार की तरफ से अहीरवाल क्षेत्र में सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद तत्काल शुरू न करने पर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जब सरसों की फसल मंडियों में आ चुकी है तो सरकार 28 मार्च से ही 6200 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर खरीद शुरू करने पर क्यों अड़ी हुई है।
विद्रोही ने कहा कि सरकार के इस रवैये से अहीरवाल क्षेत्र के किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। खरीद में देरी के कारण किसान अपनी लगभग 25 प्रतिशत फसल निजी व्यापारियों को कम दामों में बेचने को मजबूर हो जाएंगे। सरकार पिछले दो वर्षों से प्रदेश की रबी और खरीफ की 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का दावा कर रही है लेकिन जमीन पर यह दावा पूरी तरह लागू नहीं हो रहा।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार को सरसों का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदना ही है तो खरीद में देरी करने का कोई औचित्य नहीं है। सरकार को 16 मार्च से ही खरीद शुरू कर देनी चाहिए थी।
Trending Videos
विद्रोही ने कहा कि सरकार के इस रवैये से अहीरवाल क्षेत्र के किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। खरीद में देरी के कारण किसान अपनी लगभग 25 प्रतिशत फसल निजी व्यापारियों को कम दामों में बेचने को मजबूर हो जाएंगे। सरकार पिछले दो वर्षों से प्रदेश की रबी और खरीफ की 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का दावा कर रही है लेकिन जमीन पर यह दावा पूरी तरह लागू नहीं हो रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यदि सरकार को सरसों का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदना ही है तो खरीद में देरी करने का कोई औचित्य नहीं है। सरकार को 16 मार्च से ही खरीद शुरू कर देनी चाहिए थी।