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Rohtak News: सीआरएसयू की डॉ. निशा देउपा ने शोध क्षेत्र में रचा कीर्तिमान

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 11:27 PM IST
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Dr. Nisha Deupa of CRSU created a record in the field of research.
03जेएनडी01: डॉ. निशा देउपा।
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जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) की भौतिकी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. निशा देउपा ने शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 12 वर्षों से अधिक समय से डॉ. निशा वैज्ञानिक अनुसंधान में सक्रिय योगदान दे रही हैं।
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डॉ. देउपा ने पीएचडी दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से प्राप्त की। उनका प्रमुख शोध क्षेत्र ग्लास विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी है। अब तक वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में 60 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित कर चुकी हैं। उनके नाम तीन पेटेंट स्वीकृत हैं, जो उनके शोध की गुणवत्ता और व्यावहारिक उपयोगिता को दर्शाते हैं।
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पीएचडी के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें तीन बार सराहनीय शोध पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्हें लगातार तीन बार स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।
यह सूची एल्सेवियर जर्नल के डेटा के आधार पर तैयार की जाती है और इसमें स्थान पाना किसी भी शोधकर्ता के लिए अत्यंत प्रतिष्ठा की बात मानी जाती है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से उन्हें 30 लाख रुपये का शोध प्रोजेक्ट भी मिला। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने एमएससी की शोध परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण की हैं।
रेयर अर्थ डोप्ड पदार्थों पर कर रहीं कार्य
वर्तमान में डॉ. देउपा रेयर अर्थ डोप्ड पदार्थों पर कार्य कर रही हैं। इनका उपयोग एंटी-काउंटरफिट तकनीकों में किया जाता है। यह पदार्थ पराबैंगनी प्रकाश में विशेष प्रकार की चमक उत्पन्न करते हैं। इससे मुद्रा, प्रमाण-पत्र और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
समर्पण से विज्ञान के क्षेत्र में हासिल कर सकते हैं नई ऊंचाइयां
डॉ. देउपा ई-वेस्ट से रेयर अर्थ आयनों के पुनर्चक्रण पर भी शोध कर रही हैं। यह कार्य भारत को महत्वपूर्ण तत्वों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है। इन तत्वों का उपयोग फोटोनिक्स, लेजर, एलईडी, ऑप्टिकल फाइबर और उन्नत डिस्प्ले तकनीकों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉ. निशा देउपा की यह उपलब्धियां न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं बल्कि यह संदेश भी देती हैं कि दृढ़ संकल्प और समर्पण से विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।
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