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Rohtak News: शिविर में बताया ब्रह्मचर्य का महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:28 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक । आर्य वीर दल रोहतक के तत्वावधान में आर्य नगर स्थित वैदिक भक्ति साधन आश्रम में आयोजित आर्य वीर प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन बौद्धिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया गया।
बौद्धिक सत्र में आचार्य शक्तिदेव ने शिविरार्थी बालकों को ब्रह्मचर्य के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि वीर्य की रक्षा से शारीरिक एवं मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है। शिविर के बौद्धिक अध्यक्ष आचार्य प्रविंद्र ने ईश्वर के स्वरूप, उपासना के लाभ तथा यम-नियमों की विस्तार से जानकारी दी।
शिविर अध्यक्ष ओम प्रकाश आर्य ने सच्चे विद्यार्थी के गुणों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा की महत्ता बताई। उन्होंने हितोपदेश के श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्या से विनय, विनय से योग्यता, योग्यता से धन तथा धन से धर्म कार्यों का मार्ग प्रशस्त होता है, जिससे व्यक्ति को लौकिक और पारलौकिक सुख प्राप्त होते हैं।
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प्रातःकालीन शारीरिक सत्र में व्यायाम शिक्षक रामनिवास और सागर ने योगासन, व्यायाम एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाया। वहीं सायंकालीन सत्र में जूडो-कराटे, लाठी और तलवार जैसी पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला संचालक सतीश आर्य ने बताया कि शिविर का समापन 21 जून को होगा। इस अवसर पर इंद्रेश, संदीप कान्ही, पवनजीत, सचिन दुआ, लक्ष्मण, वरिंदर सहगल और अंकुर अरोड़ा उपस्थित रहे।
रोहतक । आर्य वीर दल रोहतक के तत्वावधान में आर्य नगर स्थित वैदिक भक्ति साधन आश्रम में आयोजित आर्य वीर प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन बौद्धिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया गया।
बौद्धिक सत्र में आचार्य शक्तिदेव ने शिविरार्थी बालकों को ब्रह्मचर्य के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि वीर्य की रक्षा से शारीरिक एवं मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है। शिविर के बौद्धिक अध्यक्ष आचार्य प्रविंद्र ने ईश्वर के स्वरूप, उपासना के लाभ तथा यम-नियमों की विस्तार से जानकारी दी।
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शिविर अध्यक्ष ओम प्रकाश आर्य ने सच्चे विद्यार्थी के गुणों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा की महत्ता बताई। उन्होंने हितोपदेश के श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्या से विनय, विनय से योग्यता, योग्यता से धन तथा धन से धर्म कार्यों का मार्ग प्रशस्त होता है, जिससे व्यक्ति को लौकिक और पारलौकिक सुख प्राप्त होते हैं।
प्रातःकालीन शारीरिक सत्र में व्यायाम शिक्षक रामनिवास और सागर ने योगासन, व्यायाम एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाया। वहीं सायंकालीन सत्र में जूडो-कराटे, लाठी और तलवार जैसी पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला संचालक सतीश आर्य ने बताया कि शिविर का समापन 21 जून को होगा। इस अवसर पर इंद्रेश, संदीप कान्ही, पवनजीत, सचिन दुआ, लक्ष्मण, वरिंदर सहगल और अंकुर अरोड़ा उपस्थित रहे।