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आपदा के दौरान जीवन बचाना सबसे बड़ी सेवा : एडीसी
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 19 May 2026 02:41 AM IST
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35-रोहतक के तिलियार लेक पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से आयोजित पांच दिवसीय राज्य स्तर
- फोटो : Samvad
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि बाढ़ राहत प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रशिक्षणार्थी रुचिपूर्वक प्रशिक्षण ग्रहण करें। बाढ़ जैसी आपदा से बचाव के लिए पूरी तैयारी रखें व कभी भी इसे हल्के में न लें। आपदा के दौरान जीवन बचाना सबसे बड़ी सेवा है। वह राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पांच दिवसीय राज्यस्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर के दौरान संबोधित कर रहे थे। तिलियार झील पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को एडीसी नरेंद्र कुमार ने शुभारंभ किया। यह प्रशिक्षण शिविर 18 से 22 मई तक जारी रहेगा। प्रदेशभर के रिसोर्स पर्सन को हर वर्ष बाढ़ राहत का प्रशिक्षण तिलियार लेक पर दिया जाता है।
शिविर के दौरान उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की जाती है व कमियों को दूर किया जाता है ताकि आपदा के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नायब तहसीलदार दीपक ने कहा कि आपदा दो प्रकार की होती है। प्रथम मनुष्य निर्मित व द्वितीय प्राकृतिक आपदा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ मुख्य आपदाओं में से एक है। गत वर्ष 2025 में घग्गर नदी में आई बाढ़ के दौरान बचाव का अच्छा कार्य हुआ था।
इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा विभाग के अंडर सेक्रेटरी हरी किशन, अधीक्षक ताराचंद, सहायक आशु, एफआरए जितेंद्र कुमार, सहायक मुकेश, परियोजना अधिकारी प्रवीन कुमार व अन्य मौजूद रहे।
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रोहतक। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि बाढ़ राहत प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रशिक्षणार्थी रुचिपूर्वक प्रशिक्षण ग्रहण करें। बाढ़ जैसी आपदा से बचाव के लिए पूरी तैयारी रखें व कभी भी इसे हल्के में न लें। आपदा के दौरान जीवन बचाना सबसे बड़ी सेवा है। वह राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पांच दिवसीय राज्यस्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर के दौरान संबोधित कर रहे थे। तिलियार झील पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को एडीसी नरेंद्र कुमार ने शुभारंभ किया। यह प्रशिक्षण शिविर 18 से 22 मई तक जारी रहेगा। प्रदेशभर के रिसोर्स पर्सन को हर वर्ष बाढ़ राहत का प्रशिक्षण तिलियार लेक पर दिया जाता है।
शिविर के दौरान उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की जाती है व कमियों को दूर किया जाता है ताकि आपदा के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नायब तहसीलदार दीपक ने कहा कि आपदा दो प्रकार की होती है। प्रथम मनुष्य निर्मित व द्वितीय प्राकृतिक आपदा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ मुख्य आपदाओं में से एक है। गत वर्ष 2025 में घग्गर नदी में आई बाढ़ के दौरान बचाव का अच्छा कार्य हुआ था।
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इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा विभाग के अंडर सेक्रेटरी हरी किशन, अधीक्षक ताराचंद, सहायक आशु, एफआरए जितेंद्र कुमार, सहायक मुकेश, परियोजना अधिकारी प्रवीन कुमार व अन्य मौजूद रहे।