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Sonipat News: लूट के आरोपी को पांच पौधे लगा दो साल देखभाल की शर्त पर मिली जमानत
Wed, 05 Aug 2026 04:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 05 Aug 2026 04:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। न्याय केवल अपराध और सजा तक सीमित नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दे सकता है। सोनीपत की अदालत ने ऐसा ही एक उदाहरण पेश करते हुए एक आरोपी पर जमानत देते समय पर्यावरण संरक्षण की अनूठी शर्त लगाई है।
अदालत ने निर्देश दिया है कि आरोपी सार्वजनिक स्थान पर स्थानीय प्रजाति के पांच पौधे लगाएगा और अगले दो वर्षों तक उनकी देखभाल करेगा। पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने के प्रमाण के रूप में उसे उनकी तस्वीरें अदालत में प्रस्तुत करनी होंगी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोई ने बहालगढ़ थाना क्षेत्र के एक लूट और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में आरोपी करमवीर की दूसरी नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया है।
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अदालत का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है। अदालत ने आरोपी को जमानत देते हुए केवल कानूनी औपचारिकताओं तक आदेश सीमित नहीं रखा बल्कि उसे प्रकृति संरक्षण से जोड़ने की पहल की।
आदेश के अनुसार आरोपी को पांच स्वदेशी पौधे लगाने होंगे और उनकी दो वर्ष तक नियमित देखभाल करनी होगी। इससे पौधों का संरक्षण सुनिश्चित होगा और पर्यावरण सुधार में भी योगदान मिलेगा।
गवाह के बयान बदलने और सह आरोपियों को जमानत के आधार पर राहत
मामले में आरोपी महेंद्रगढ़ के बलाहा खुर्द निवासी करमवीर के खिलाफ बहालगढ़ थाने में जून, 2025 में लूट, आपराधिक षड्यंत्र और शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार व्हाइट लिली रेजिडेंसी के पास शराब ठेके पर हथियार दिखाकर करीब 40 हजार रुपये की लूट की गई थी। आरोपी की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चालान पेश किया जा चुका है। मामले के मुख्य गवाह और शिकायतकर्ता अमित ने अदालत में अभियोजन का समर्थन नहीं किया तथा किसी भी आरोपी की पहचान नहीं की। इसके अलावा इसी मामले में शामिल अन्य आरोपियों अंकित, विनीत, जीतू को गिरफ्तार किया था। उन्हें जमानत मिल चुकी है। आरोपी करमवीर 15 नवंबर 2025 से जेल में है। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को जमानत देने का आदेश दिया।
न्यायालय का पर्यावरण संरक्षण की ओर सकारात्मक कदम
अदालत का यह आदेश केवल एक आरोपी की रिहाई तक सीमित नहीं है बल्कि समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश भी देता है। बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र के बीच पौधरोपण को जिम्मेदारी से जोड़ना प्रकृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पांच पौधे भले ही संख्या में छोटे लगें, लेकिन उनकी नियमित देखभाल से वह आने वाले वर्षों में हरियाली, स्वच्छ हवा और पर्यावरण संतुलन में योगदान देंगे। अदालत की यह पहल लोगों को यह संदेश देती है कि अधिकारों के साथ समाज और प्रकृति के प्रति कर्तव्य निभाना भी जरूरी है।
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सोनीपत। न्याय केवल अपराध और सजा तक सीमित नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दे सकता है। सोनीपत की अदालत ने ऐसा ही एक उदाहरण पेश करते हुए एक आरोपी पर जमानत देते समय पर्यावरण संरक्षण की अनूठी शर्त लगाई है।
अदालत ने निर्देश दिया है कि आरोपी सार्वजनिक स्थान पर स्थानीय प्रजाति के पांच पौधे लगाएगा और अगले दो वर्षों तक उनकी देखभाल करेगा। पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने के प्रमाण के रूप में उसे उनकी तस्वीरें अदालत में प्रस्तुत करनी होंगी।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोई ने बहालगढ़ थाना क्षेत्र के एक लूट और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में आरोपी करमवीर की दूसरी नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया है।
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अदालत का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है। अदालत ने आरोपी को जमानत देते हुए केवल कानूनी औपचारिकताओं तक आदेश सीमित नहीं रखा बल्कि उसे प्रकृति संरक्षण से जोड़ने की पहल की।
आदेश के अनुसार आरोपी को पांच स्वदेशी पौधे लगाने होंगे और उनकी दो वर्ष तक नियमित देखभाल करनी होगी। इससे पौधों का संरक्षण सुनिश्चित होगा और पर्यावरण सुधार में भी योगदान मिलेगा।
गवाह के बयान बदलने और सह आरोपियों को जमानत के आधार पर राहत
मामले में आरोपी महेंद्रगढ़ के बलाहा खुर्द निवासी करमवीर के खिलाफ बहालगढ़ थाने में जून, 2025 में लूट, आपराधिक षड्यंत्र और शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार व्हाइट लिली रेजिडेंसी के पास शराब ठेके पर हथियार दिखाकर करीब 40 हजार रुपये की लूट की गई थी। आरोपी की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चालान पेश किया जा चुका है। मामले के मुख्य गवाह और शिकायतकर्ता अमित ने अदालत में अभियोजन का समर्थन नहीं किया तथा किसी भी आरोपी की पहचान नहीं की। इसके अलावा इसी मामले में शामिल अन्य आरोपियों अंकित, विनीत, जीतू को गिरफ्तार किया था। उन्हें जमानत मिल चुकी है। आरोपी करमवीर 15 नवंबर 2025 से जेल में है। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को जमानत देने का आदेश दिया।
न्यायालय का पर्यावरण संरक्षण की ओर सकारात्मक कदम
अदालत का यह आदेश केवल एक आरोपी की रिहाई तक सीमित नहीं है बल्कि समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश भी देता है। बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र के बीच पौधरोपण को जिम्मेदारी से जोड़ना प्रकृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पांच पौधे भले ही संख्या में छोटे लगें, लेकिन उनकी नियमित देखभाल से वह आने वाले वर्षों में हरियाली, स्वच्छ हवा और पर्यावरण संतुलन में योगदान देंगे। अदालत की यह पहल लोगों को यह संदेश देती है कि अधिकारों के साथ समाज और प्रकृति के प्रति कर्तव्य निभाना भी जरूरी है।