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Sonipat News: जीएसटी विभाग से सामान चोरी के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज
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सोनीपत। जीएसटी विभाग की ओर से जब्त प्रतिबंधित सामान की चोरी के मामले में आरोपी शिव कुमार को अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह की अदालत ने कहा कि चोरी हुए सामान की बरामदगी और वास्तविक तथ्यों के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
यह मामला कुंडली थाने में 21 जून 2025 को बीएनएस की धारा 305 के तहत दर्ज एफआईआर का है। शिकायतकर्ता इंस्पेक्टर परवीन के बयान पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें गुरुग्राम स्थित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) कार्यालय से जब्त सामान की चोरी का आरोप था। शिव कुमार के अधिवक्ता ने दलील दी कि उसका मामले से सीधा संबंध नहीं है। उसे केवल सह आरोपी के खुलासे पर नामजद किया गया है। अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी जांच में शामिल होने को तैयार है इसलिए उसे अग्रिम जमानत मिलनी चाहिए।
राज्य की ओर से लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि शिव कुमार चोरी में सह आरोपी के साथ सक्रिय रूप से शामिल था। चोरी हुए सामान में जीएसटी विभाग द्वारा सील की गई गुटखा निर्माण मशीन भी है जिसे अभी बरामद करना है। अदालत ने गंभीर आरोपों को देखते हुए हिरासत में पूछताछ को जरूरी माना। अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
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यह मामला कुंडली थाने में 21 जून 2025 को बीएनएस की धारा 305 के तहत दर्ज एफआईआर का है। शिकायतकर्ता इंस्पेक्टर परवीन के बयान पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें गुरुग्राम स्थित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) कार्यालय से जब्त सामान की चोरी का आरोप था। शिव कुमार के अधिवक्ता ने दलील दी कि उसका मामले से सीधा संबंध नहीं है। उसे केवल सह आरोपी के खुलासे पर नामजद किया गया है। अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी जांच में शामिल होने को तैयार है इसलिए उसे अग्रिम जमानत मिलनी चाहिए।
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राज्य की ओर से लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि शिव कुमार चोरी में सह आरोपी के साथ सक्रिय रूप से शामिल था। चोरी हुए सामान में जीएसटी विभाग द्वारा सील की गई गुटखा निर्माण मशीन भी है जिसे अभी बरामद करना है। अदालत ने गंभीर आरोपों को देखते हुए हिरासत में पूछताछ को जरूरी माना। अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
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